Ranchi News: भाजपा नेता अनिल टाइगर हत्याकांड में जेल में बंद आरोपी जिशान अख्तर उर्फ जीशू उर्फ अफरीदी उर्फ सरदार को फिलहाल राहत नहीं मिली है. अपर न्यायायुक्त-17 की अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी. आरोपी 10 अप्रैल 2025 से न्यायिक हिरासत में है.
अभियोजन ने जमानत का किया विरोध
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष आरोपी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्य प्रस्तुत किए. अभियोजन का कहना था कि जिशान अख्तर हत्या की साजिश का सक्रिय हिस्सा था, इसलिए उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए. इसी आधार पर अभियोजन ने उसकी याचिका का कड़ा विरोध किया.
मोबाइल कॉल डिटेल बनी अहम आधार
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों से प्रथम दृष्टया आरोपी की संलिप्तता स्पष्ट होती है. कोर्ट ने यह भी माना कि मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से पता चलता है कि घटना के दौरान और उससे पहले आरोपी लगातार इस मामले के अन्य आरोपियों के संपर्क में था. इसे अदालत ने जांच के लिए महत्वपूर्ण तथ्य माना.
उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन की दलीलों को पर्याप्त मानते हुए अदालत ने जिशान अख्तर की जमानत याचिका खारिज कर दी. अब आरोपी को आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा.