Ranchi: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर राजधानी के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर में भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए भक्तों का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि मंदिर परिसर से लेकर मुख्य सड़क तक केवल श्रद्धालुओं का तांता नजर आया। तड़के सुबह 3 बजे से ही भक्तों ने कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना शुरू कर दिया था।
भक्ति और सुरक्षा का संगम
जैसे ही मंदिर के पट खुले, पूरा वातावरण हर-हर महादेव और जय शिव शंभू के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। भक्तों ने ऊँची सीढ़ियां चढ़कर शिवलिंग पर दूध, जल, बेलपत्र और धतूरा अर्पित किया। सुरक्षा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस बार कड़े इंतजाम किए, पुरुष और महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग लाइनों की व्यवस्था की गई थी। पूरे पहाड़ी क्षेत्र और सीढ़ियों पर सीसीटीवी कैमरों से पैनी नजर रखी गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चढ़ने और उतरने के रास्ते अलग-अलग तय किए गए थे।
प्रशासन और स्वयंसेवकों की सक्रियता
भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता था कि पुलिस बल के साथ-साथ जिला प्रशासन के आला अधिकारी खुद मोर्चा संभाले हुए थे। मंदिर समिति के सदस्य और स्थानीय स्वयंसेवकों ने जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की थी। चिलचिलाती धूप के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।
अन्य शिवालयों में भी रही धूम
पहाड़ी मंदिर के अलावा शहर के अन्य प्रमुख मंदिरों जैसे धुर्वा स्थित जगन्नाथ मंदिर, हरमू रोड के शिवालयों और कचहरी चौक के समीप मंदिरों में भी भक्तों की भारी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से परिवार की सुख-समृद्धि और वैश्विक शांति की कामना की। शाम होते-होते शिव बारात निकालने की तैयारियों ने उत्सव के माहौल को और भी भव्य बना दिया।