Ranchi News : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए भाकपा और माकपा ने झारखंड में राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। दोनों वामदलों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि 29 मई से 1 जून तक पूरे राज्य में प्रदर्शन, सभा और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
वामदलों ने आरोप लगाया कि सीपीआई(एम) पोलित ब्यूरो सदस्य और केरल के वरिष्ठ नेता पिनराई विजयन के खिलाफ ईडी की कार्रवाई राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। नेताओं ने कहा कि उनके आवास पर की गई छापेमारी लोकतांत्रिक विपक्ष को दबाने की कोशिश है।
“केंद्रीय एजेंसियों का हो रहा राजनीतिक इस्तेमाल”
भाकपा और माकपा ने कहा कि केंद्र सरकार पिछले कुछ वर्षों से केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए कर रही है। वामदलों का कहना है कि भाजपा यह भ्रम न पाले कि इस तरह की कार्रवाई से वाम आंदोलन को कमजोर किया जा सकता है।
संयुक्त बयान में कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा गया कि केरल में भाजपा और कांग्रेस दोनों मिलकर वामपंथी ताकतों को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं के बयानों और भाजपा की कार्रवाई के बीच राजनीतिक तालमेल साफ दिखाई देता है।
जांच पर नहीं, एजेंसियों के चयनात्मक रवैये पर सवाल
वामदलों ने कहा कि सीएमआरएल मामले की जांच पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जांच एजेंसियों के चयनात्मक इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उनका दावा है कि कई मामलों में अदालतें भी केंद्रीय एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी कर चुकी हैं।
भाकपा के राज्य सचिव महेंद्र पाठक और माकपा के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने राज्य के लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों और विपक्ष की आवाज को दबाने के खिलाफ पूरे झारखंड में व्यापक जनप्रतिरोध खड़ा किया जाएगा।