Ranchi News : झारखंड के बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अब तक कई महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त नहीं हो सके हैं। जांच एजेंसी ने धनबाद के कोयला कारोबारी एलबी सिंह और उनके भाई कुंभनाथ सिंह से आवश्यक दस्तावेज और कारोबारी रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा था, लेकिन अब तक पूरी जानकारी जमा नहीं कराई गई है।
ईडी अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए व्यापारिक गतिविधियों, वित्तीय लेनदेन और संबंधित कंपनियों से जुड़े दस्तावेजों की आवश्यकता है। हालांकि बार-बार आग्रह और नोटिस के बावजूद जांच एजेंसी को अपेक्षित दस्तावेज नहीं मिल पाए हैं।
पिछले वर्ष हुई थी कई ठिकानों पर छापेमारी
कोयला कारोबार से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के तहत ईडी ने पिछले वर्ष धनबाद समेत कई स्थानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान कई दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी जब्त किए गए थे।
छापेमारी के बाद जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की थी। इसी क्रम में कोयला कारोबारी एलबी सिंह को भी दो बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था, जहां उनसे कारोबार, वित्तीय लेनदेन और कंपनियों की गतिविधियों से संबंधित जानकारी मांगी गई थी।
व्यापारिक लेनदेन और कंपनियों की भूमिका की जांच
सूत्रों के अनुसार ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि कोयला कारोबार से जुड़े वित्तीय लेनदेन नियमों के अनुरूप थे या नहीं। जांच एजेंसी विभिन्न कंपनियों, बैंक खातों और कारोबारी नेटवर्क के बीच हुए लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है।
इसके लिए संबंधित पक्षों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे गए थे, जिनमें कारोबारी रिकॉर्ड, वित्तीय विवरण और अन्य सहायक दस्तावेज शामिल हैं। एजेंसी का कहना है कि इन दस्तावेजों के बिना जांच के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं की पुष्टि करना मुश्किल हो रहा है।
दस्तावेज नहीं मिलने से जांच की रफ्तार प्रभावित
ईडी का मानना है कि मांगे गए रिकॉर्ड और दस्तावेज उपलब्ध होने के बाद ही जांच को अगले चरण में आगे बढ़ाया जा सकेगा। फिलहाल एजेंसी संबंधित पक्षों से जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी रखे हुए है। कोयला घोटाला मामला पहले से ही राज्य की चर्चित जांचों में शामिल रहा है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आवश्यक दस्तावेज मिलने के बाद ईडी जांच को किस दिशा में आगे बढ़ाती है और मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।