Ranchi News : झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इसका असर पूरे राज्य में देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 64.5 मिमी बारिश बहरागोड़ा में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा नाला में 63.8 मिमी, मैसेनजोर में 55.8 मिमी, खूंटी के दियाकेल में 54 मिमी और डालटनगंज में 41.2 मिमी वर्षा हुई। चाईबासा में 28.2 मिमी, जमशेदपुर में 12.2 मिमी और रांची में 5.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।
इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 30 जून को लातेहार, लोहरदगा, रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है।
1 और 2 जुलाई को बारिश का दायरा और बढ़ जाएगा। इस दौरान देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज, बोकारो, धनबाद, रामगढ़, रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) और पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) सहित कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
3 से 5 जुलाई तक भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम खराब बना रहेगा। इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना है। 5 जुलाई को कुछ इलाकों में एक बार फिर भारी बारिश हो सकती है।
राजधानी रांची में अगले चार दिन बादल और बारिश
राजधानी रांची में 4 जुलाई तक आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
बारिश के बावजूद डालटनगंज राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं लातेहार सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। वज्रपात के समय सुरक्षित स्थान पर शरण लें और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।