Ranchi News : पंचायत राज विभाग ने PESA नियमों के तहत गांवों में पारंपरिक ग्राम प्रधान की पहचान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इसके लिए राज्य के 15 जिलों के उपायुक्तों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा की संरचना और पारंपरिक व्यवस्था के अनुसार गांव के मुखिया/प्रधान की पहचान की जाएगी। यह प्रक्रिया पंचायत विस्तार अनुसूचित क्षेत्र अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप होगी, जिसमें ग्राम सभा को सर्वोच्च इकाई माना गया है।
आदिवासी स्वशासन को मजबूत करने की पहल
सरकार का उद्देश्य पारंपरिक आदिवासी शासन व्यवस्था को मान्यता देना और उसे मजबूत करना है, ताकि स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में ग्राम सभा की भूमिका बढ़ सके।
निर्देश के अनुसार उपायुक्तों को यह सुनिश्चित करना होगा कि गांवों में परंपरागत रीति-रिवाजों के आधार पर मान्यता प्राप्त व्यक्ति को ही ग्राम प्रधान के रूप में चिन्हित किया जाए। साथ ही इस प्रक्रिया की रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है।
PESA नियमों के लागू होने के बाद ग्राम सभाओं को भूमि, जल, जंगल और स्थानीय संसाधनों से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है, जिससे आदिवासी क्षेत्रों में स्वशासन को बढ़ावा मिलेगा।