Ranchi News : झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी ने पश्चिम बंगाल में पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी को राज्य का मुख्य सचिव बनाए जाने के फैसले पर सवाल उठाया है। उन्होंने इस मामले को लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कांग्रेस नेता राहुल गाँधी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।
चुनावी निष्पक्षता पर उठे सवाल, जनता में गलत संदेश जाने की आशंका
डॉ. इरफान अंसारी ने अपने पत्र में कहा है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े किसी अधिकारी को बाद में इतना बड़ा प्रशासनिक पद दिए जाने से जनता के बीच गलत संदेश जाता है। उन्होंने कहा कि इससे लोगों के मन में चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर संदेह पैदा हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है और इस तरह की नियुक्तियां सवाल खड़े करती हैं।
भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं को प्रभावित करने का आरोप
अपने पत्र में डॉ. अंसारी ने भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने और उन्हें कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग और चुनाव से जुड़े अधिकारियों की नियुक्तियों को लेकर देशभर में चिंता का माहौल है।
उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इस तरह के फैसलों से जनता का भरोसा प्रभावित हो सकता है।
विपक्ष को एकजुट करने और फैसले पर पुनर्विचार की मांग
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि यह मामला सिर्फ पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने राहुल गांधी से इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने और विपक्षी दलों को एकजुट कर आवाज बुलंद करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने भाजपा पर दबाव बनाकर इस फैसले को वापस लेने की मांग भी की है।