Ranchi News : झारखंड हाईकोर्ट ने शिक्षिका अबेदा खातून को बड़ी राहत देते हुए उनकी सेवा समाप्ति का आदेश रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने विद्यालय प्रबंधन को उन्हें दो सप्ताह के भीतर पुनर्बहाल करने का निर्देश दिया है।
जन्मतिथि में विसंगति के आधार पर हुई थी सेवा समाप्त
अबेदा खातून वर्ष 2010 से राईन उर्दू गर्ल्स मिडिल स्कूल में सहायक शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। उनके मैट्रिक एडमिट कार्ड और प्रमाणपत्र में जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज होने के कारण विद्यालय प्रबंधन ने वर्ष 2019 में उनकी सेवा समाप्त कर दी थी।
प्रमाणपत्र में दर्ज जन्मतिथि को माना प्रमाणिक
मामले की सुनवाई के दौरान बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने अदालत को बताया कि शिक्षिका के पास मौजूद मैट्रिक प्रमाणपत्र में दर्ज जन्मतिथि ही सही और प्रमाणिक है। इसके बाद अदालत ने माना कि केवल एडमिट कार्ड में जन्मतिथि में अंतर होने के आधार पर सेवा समाप्त करना उचित नहीं था।
पुनर्बहाली और वेतन लाभ देने का निर्देश
हाईकोर्ट ने विद्यालय प्रबंधन को सेवा अभिलेखों में आवश्यक सुधार करने और अबेदा खातून की पुनर्बहाली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही वेतन निर्धारण के लिए राज्य सरकार को अनुशंसा भेजने को कहा गया है। अदालत ने राज्य सरकार को भी निर्देश दिया है कि नियमों के अनुसार शिक्षिका को वेतन और अन्य सेवा लाभ 12 सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराए जाएं।