Ranchi News : करीब 25 वर्षों से फरार चल रहे अपराधी रामदेव उरांव ने आखिरकार झारखंड पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर मामलों में वांछित रामदेव उरांव के सरेंडर को पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार रामदेव उरांव ने गुमला जिले के जंगल क्षेत्र में पुलिस के सामने हथियार डाल दिए। यह इलाका बेड़ो और गुमला के सीमावर्ती क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर था और लगातार अपना ठिकाना बदलकर सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देता रहा था।
रांची और गुमला पुलिस चला रही थी अभियान
सूत्रों के मुताबिक रामदेव उरांव की गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण को लेकर रांची और गुमला पुलिस लगातार अभियान चला रही थी। पिछले चार महीनों से उसके आत्मसमर्पण को लेकर बातचीत भी चल रही थी। पुलिस और प्रशासन की पहल के बाद उसने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया।
नेटवर्क और पुराने मामलों की होगी जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार रामदेव उरांव के खिलाफ हत्या, रंगदारी और अन्य संगीन अपराधों से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। आत्मसमर्पण के बाद अब उससे जुड़े मामलों की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साथ ही उसके नेटवर्क, सहयोगियों और पुराने आपराधिक मामलों की भी गहन जांच की जाएगी।
बताया जा रहा है कि आत्मसमर्पण के बाद पुलिस प्रशासन की ओर से जल्द ही एक औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें सरेंडर से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी और आगे की कानूनी कार्रवाई की रूपरेखा तय की जाएगी।