Ranchi News : JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच अब सफल अभ्यर्थियों ने भी अपना पक्ष सामने रखा है. मंगलवार को JPSC और बैकलॉग परीक्षा में सफल अभ्यर्थी रांची के ऑक्सीजन पार्क में धरने पर बैठ गए. उन्होंने परीक्षा रद्द करने की मांग का विरोध करते हुए पूरे मामले की पहले निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.
सफल अभ्यर्थियों ने कहा कि अगर परीक्षा प्रक्रिया में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. लेकिन बिना जांच पूरी किए पूरी परीक्षा रद्द करना उचित नहीं होगा.
पूरी परीक्षा रद्द होने से भविष्य प्रभावित होने की चिंता
धरने पर बैठे अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा में बड़ी संख्या में ऐसे उम्मीदवार शामिल हैं, जिन्होंने लंबे समय तक मेहनत और तैयारी के बाद सफलता हासिल की है. यदि पूरी परीक्षा रद्द कर दी जाती है तो उन अभ्यर्थियों के भविष्य पर सीधा असर पड़ेगा, जिन्होंने किसी भी तरह की गड़बड़ी के बिना परीक्षा पास की है.
अभ्यर्थियों ने कहा कि वे परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता या धांधली का समर्थन नहीं करते हैं. उनका कहना है कि दोषियों को बचाया नहीं जाना चाहिए, लेकिन सभी सफल अभ्यर्थियों को एक ही नजर से देखना भी उचित नहीं है.
जांच के बाद ही अंतिम फैसला लेने की मांग
सफल अभ्यर्थियों ने मांग की कि सबसे पहले पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराई जाए. जांच में यदि किसी अभ्यर्थी, अधिकारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए. इसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाए.
अभ्यर्थियों ने कहा कि वे जांच प्रक्रिया में सरकार और संबंधित जांच एजेंसियों का पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं. उनका कहना है कि उनकी मांग किसी गड़बड़ी को दबाने की नहीं, बल्कि मेहनत से सफल हुए अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित रखने की है.
आंदोलन के बीच सामने आया अलग पक्ष
JPSC परीक्षा को लेकर एक तरफ जहां बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा रद्द करने और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं सफल अभ्यर्थियों के इस धरने से मामले में एक अलग पक्ष भी सामने आया है. सफल अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा में यदि कुछ लोगों ने गड़बड़ी की है तो उसका खामियाजा पूरी परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को नहीं भुगतना चाहिए. उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों और सफल अभ्यर्थियों दोनों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच के आधार पर पारदर्शी तरीके से आगे का फैसला लिया जाए.