Rupee 2000 Notes: भारतीय रिजर्व बैंक ने साल 2023 में चलन से बाहर किए गए 2000 रुपये के गुलाबी नोटों को लेकर एक बार फिर चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखे हैं. दो साल से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद भी इन नोटों की पूरी वापसी नहीं हो सकी है. RBI के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 31 दिसंबर 2025 तक 2000 रुपये के नोटों की वापसी लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन अब भी हजारों करोड़ रुपये मूल्य के नोट लोगों के पास मौजूद हैं. यह स्थिति सवाल खड़े कर रही है कि आखिर इतनी बड़ी रकम अब तक सिस्टम में क्यों नहीं लौटी.
19 मई 2023 को 2000 रुपये के नोटों को सर्कुलेशन से बाहर करने का लिया गया था फैसला
रिजर्व बैंक की जानकारी के अनुसार 19 मई 2023 को जब 2000 रुपये के नोटों को सर्कुलेशन से बाहर करने का फैसला लिया गया था, उस समय बाजार में करीब 3.56 लाख करोड़ रुपये के ये नोट मौजूद थे. दिसंबर 2025 के अंत तक इनमें से 98.41 प्रतिशत नोट वापस आ चुके हैं. इसके बावजूद अब भी 5,669 करोड़ रुपये मूल्य के 2000 रुपये के नोट प्रचलन से बाहर रहते हुए लोगों के पास हैं. आरबीआई ने साफ किया है कि ये नोट पूरी तरह वापस होने तक वैध मुद्रा बने रहेंगे.
नोट वापसी की गति अब बेहद धीमी हो चुकी है
शुरुआती महीनों में 2000 रुपये के नोट जमा कराने की रफ्तार तेज रही, लेकिन अब यह प्रक्रिया लगभग थम सी गई है. आंकड़ों के मुताबिक 31 अक्टूबर 2025 तक बाजार में 5,817 करोड़ रुपये मूल्य के नोट बचे हुए थे. इसके बाद दो महीनों में महज 148 करोड़ रुपये के नोट ही वापस आ सके. इससे यह साफ होता है कि नोट वापसी की गति अब बेहद धीमी हो चुकी है, जबकि सुविधाएं अब भी मौजूद हैं.
क्लीन नोट पॉलिसी के तहत चलन से किया गया था बाहर
आरबीआई ने इन नोटों को क्लीन नोट पॉलिसी के तहत चलन से बाहर करने का फैसला लिया था. इन नोटों को साल 2016 की नोटबंदी के बाद पेश किया गया था, ताकि 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने से पैदा हुई नकदी की कमी को पूरा किया जा सके. बाद में जब छोटे मूल्यवर्ग के नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो गए, तो केंद्रीय बैंक ने 2000 रुपये के नोटों को धीरे धीरे सिस्टम से हटाने का निर्णय लिया.
अब केवल रिजर्व बैंक के 19 कार्यालयों में ही नोट बदले जा सकते हैं
दो हजार रुपये के नोट बदलने के लिए पहले सभी बैंकों की शाखाओं में सुविधा दी गई थी. 7 अक्टूबर 2023 के बाद यह व्यवस्था सीमित कर दी गई और अब केवल रिजर्व बैंक के 19 कार्यालयों में ही नोट बदले जा सकते हैं. इनमें अहमदाबाद, बेंगलुरु, बेलापुर, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, पटना और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं.
इंडिया पोस्ट के जरिए डाक द्वारा भी नोट भेज सकते है
आरबीआई ने लोगों को यह सुविधा भी दी है कि वे इंडिया पोस्ट के जरिए डाक द्वारा अपने 2000 रुपये के नोट रिजर्व बैंक के कार्यालयों में भेज सकते हैं. इसके बावजूद बड़ी संख्या में नोट अब भी वापस नहीं आए हैं, जो वित्तीय प्रणाली और नकदी प्रवाह को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे रहा है.
RBI के लिए चुनौती
2000 रुपये के नोटों की अधूरी वापसी यह संकेत देती है कि देश की अर्थव्यवस्था में अब भी बड़ी मात्रा में नकदी औपचारिक सिस्टम से बाहर मौजूद है. आने वाले समय में आरबीआई के लिए यह चुनौती होगी कि वह इन शेष नोटों को सिस्टम में वापस लाने के लिए भरोसे और जागरूकता को कैसे बढ़ाता है.