Seraikela News: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल निवासी वरिष्ठ पत्रकार विश्वरूप पांडा ने सोमवार को पूर्व विधायक अरविंद कुमार सिंह उर्फ मलखान सिंह द्वारा दायर मानहानि मामले में जमशेदपुर सिविल कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रितु कुजूर की अदालत में सुनवाई के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील कुमार ओझा ने उनकी ओर से जमानत याचिका दाखिल की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। आत्मसमर्पण के दौरान न्यायालय परिसर में बड़ी संख्या में पत्रकार और समर्थक मौजूद रहे।
2024 की खबर को लेकर दर्ज हुआ था मानहानि का मामला
यह विवाद वर्ष 2024 में एक समाचार पोर्टल पर प्रकाशित खबर से जुड़ा है। ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके अरविंद कुमार सिंह ने आरोप लगाया था कि प्रकाशित समाचार से उनकी छवि धूमिल हुई, जिसके बाद उन्होंने विश्वरूप पांडा के खिलाफ मानहानि का शिकायतवाद दायर किया। यह मामला तभी से न्यायालय में लंबित है और अब इसकी अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी।
अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताकर लगाए गंभीर आरोप
जमानत मिलने के बाद पत्रकार विश्वरूप पांडा ने कहा कि यह मामला केवल उनका नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता से जुड़ा है। उन्होंने पूर्व विधायक पर आरोप लगाया कि राजनीतिक आलोचना और खबरों को दबाने के लिए झूठे मुकदमों का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस जनता ने तीन बार विधायक बनाया, आज वही लोग उनके निशाने पर हैं।
पत्रकार संगठनों का समर्थन, प्रेस की आजादी पर उठे सवाल
कोर्ट परिसर में मौजूद कई पत्रकार संगठनों ने इस मामले को प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा बताया और विश्वरूप पांडा के समर्थन का ऐलान किया। पांडा ने आशंका जताई कि यदि इस तरह मुकदमे दर्ज करने की प्रवृत्ति जारी रही तो भविष्य में आम नागरिक भी ऐसे मामलों का सामना कर सकते हैं।
अब अगली सुनवाई पर टिकी नजर
कानूनी जानकारों के अनुसार मानहानि के मामलों में आत्मसमर्पण और जमानत सामान्य न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। अब अदालत में दोनों पक्ष अपने-अपने साक्ष्य और दलीलें पेश करेंगे। फिलहाल विश्वरूप पांडा जमानत पर हैं और उन्हें अगली सुनवाई में अदालत के समक्ष उपस्थित होना होगा।