Seraikela: विश्व मादक पदार्थ निषेध दिवस एवं यातना पीड़ितों के समर्थन में अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर शुक्रवार को छोटा गम्हरिया स्थित वत्सल्य बालिका गृह में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला बाल संरक्षण इकाई और जन सहभागी विकास केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस दौरान बाल कल्याण समिति (CWC) के सदस्य सैयद आयाज़ हैदर, LADC विजय कुमार महतो, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी (DCPO) संतोष ठाकुर, पीएलवी, जन सहभागी विकास केंद्र के सचिव प्रमोद कुमार वर्मा, कोषाध्यक्ष ज्योति सिंह, चाइल्ड हेल्पलाइन के पदाधिकारी, बालिका गृह की बच्चियां एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बाल संरक्षण कानून और होम मैनेजमेंट की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में चाइल्ड प्रोटेक्शन एक्सपर्ट पिजुस सेनगुप्ता ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act), JJ Rules और होम मैनेजमेंट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और संस्थागत देखभाल से जुड़े प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने नशा मुक्ति, बाल अधिकार, हिंसा-मुक्त समाज, मानव तस्करी और बाल शोषण जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। बच्चों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया और उन्हें हर प्रकार के शोषण के खिलाफ सजग रहने का संदेश दिया गया।
सभी ने ली नशा मुक्ति की शपथ
जन सहभागी विकास केंद्र के सचिव प्रमोद कुमार वर्मा ने उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। इस अवसर पर नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई, जिससे बच्चों और उपस्थित लोगों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने समाज से नशे के खिलाफ एकजुट होकर अभियान चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, सुरक्षित और जागरूक समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।