मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परियोजना के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि आईटी पार्क के निर्माण से राज्य के युवाओं को रोजगार के लिए बेंगलुरु, हैदराबाद या अन्य महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। बड़ी आईटी कंपनियां झारखंड आएंगी और स्थानीय युवाओं को यहीं रोजगार मिलेगा।
सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी
राज्य सरकार के अनुसार, आईटी पार्क के माध्यम से लगभग 10 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को लाभ पहुंचने की संभावना है। आईटी कंपनियों के आगमन से होटल, परिवहन, रियल एस्टेट और रिटेल सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी।
आईटी कंपनियों के संपर्क में है
जारी निविदा के तहत आईटी पार्क का मास्टर प्लान और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इसके लिए अनुभवी कंसल्टेंट का चयन किया जाएगा। सरकार गूगल, विप्रो, इंफोसिस, टीसीएस सहित कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय आईटी कंपनियों के संपर्क में है।
हैदराबाद और गुरुग्राम जैसे आईटी हब में
हाल ही में गूगल के प्रतिनिधियों ने आईटी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर सुझाव दिए थे, जिनके आधार पर आईटी पार्क का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आईटी कंपनियों को वही सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जो बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और गुरुग्राम जैसे आईटी हब में मिलती हैं।