Jamshedpur: चक्रधरपुर के DRM मंगलवार को टाटानगर रेलवे स्टेशन पहुंचे.इस दौरान उन्होंने कई अहम कार्यों का निरीक्षण किया.DRM ने टाटानगर रेलवे स्टेशन के चल रहे पुनर्विकास कार्यों का जायजा लिया और प्रगति की समीक्षा की और साथ ही उन्होंने ट्रेन वाशिंग सेंटर यार्ड का दौरा किया और वहां की व्यवस्थाओं को परखा.
इसके साथ ही बीते सोमवार को सुबह करीब 11 बजे रहरगोड़ा–साकची मिनी बस की चपेट में आने से एबीएम कॉलेज, गोलमुरी की इंटर फर्स्ट ईयर की छात्रा अंजलि की मौके पर ही मौत हो गई थी.इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे. इसी घटना को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने चक्रधरपुर मंडल के DRM से मुलाकात की.प्रतिनिधिमंडल ने DRM सलगांझुड़ी अंडरब्रिज के नविकरण की मांग करते हुए बताया कि इस अंडरब्रिज का पहले शिलान्यास हो चुका था, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया.उन्होंने यह भी कहा कि इस स्थान पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिससे आम लोगों की जान खतरे में पड़ रही है.
अंडरब्रिज को लेकर क्या बोले DRM
जिसके बाद DRM ने बताया कि अंडरब्रिज के लिए पहले यह तय था कि 50% राशि रेलवे और 50% राशि राज्य सरकार देगी. लेकिन राज्य सरकार की ओर से अब तक फंड उपलब्ध नहीं कराया गया है. DRM ने स्पष्ट किया कि अब रेलवे 100% राशि खुद खर्च कर ओवरब्रिज का निर्माण करेगा. इसके लिए राज्य सरकार से जमीन संबंधी NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) लिया जाएगा, ताकि काम जल्द शुरू हो सके.
दुकानदारों की चिंता, DRM का साफ रुख:
इस दौरान 27 दुकानदारों का एक प्रतिनिधिमंडल भी DRM से मिला और स्टेशन पुनर्विकास के चलते अपनी दुकानों को लेकर चिंता जताई.
DRM का स्पष्ट संदेश:
DRM ने साफ कहा कि रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी और इन दुकानों को विकास कार्य के रास्ते में नहीं छोड़ा जा सकता.
छात्रा अंजलि की मौत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अधूरी परियोजनाएं और लापरवाही आम लोगों की जान पर भारी पड़ रही हैं.अब देखना यह होगा कि सलगांझुड़ी अंडरब्रिज और बारीगोड़ा ओवरब्रिज के फैसले जमीन पर कब और कितनी तेजी से उतरते हैं.