Jamhsedpur News:केबुल टाउन स्थित श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर (पूर्ववर्ती बिड़ला मंदिर) के जीर्णोद्धार कार्य में तेजी आने के साथ ही केबुल कंपनी में पुनः औद्योगिक गतिविधियों के शुरू होने की संभावनाएं भी प्रबल होती दिख रही हैं. यह बात जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने कही.
उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में श्रीलक्ष्मीनारायण, मां काली, भगवान शिव, श्री गणेश और पवनपुत्र हनुमान की प्रतिमाओं की स्थापना तथा नियमित पूजा-अर्चना शुरू होने के बाद लंबे समय से चली आ रही बाधाएं समाप्त हुई हैं. इसके चलते न सिर्फ मंदिर के पुनरुद्धार कार्य में गति आई है, बल्कि केबुल कंपनी के पुनः चालू होने के संकेत भी मिलने लगे हैं.
दशावतार और चार महर्षियों की प्रतिमाएं स्थापित
सरयू राय ने बताया कि श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर में भगवान विष्णु के दशावतार की प्रतिमाओं का निर्माण पूरा हो चुका है, जिनका रंग-रोगन किया जाना शेष है.वहीं मंदिर के गर्भगृह के चारों कोनों में सनातन संस्कृति के स्तंभ माने जाने वाले चार महान महर्षियों—महर्षि विश्वामित्र, महर्षि जमदग्नि, महर्षि कश्यप और महर्षि वाल्मीकि—की प्रतिमाएं भी स्थापित कर दी गई हैं.
उन्होंने इसे संभवतः देश का पहला लक्ष्मीनारायण मंदिर बताया, जहां गर्भगृह में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के साथ दशावतार एवं चार महर्षियों की प्रतिमाएं एक साथ विराजमान हैं.
सुरक्षा और सुविधाओं का भी विस्तार
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर की बाउंड्री निर्माण का कार्य प्रगति पर है. साथ ही मंदिर परिसर के भव्य गोपुरम (प्रवेश द्वार) की मरम्मत और शिखर पर पीतल के पांच कलश स्थापित किए जा रहे हैं. इसके बाद गर्भगृह के सामने विशाल फर्श का निर्माण शुरू किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन में सुविधा होगी.
केबुल टाउन की रौनक लौटने की उम्मीद
विधायक सरयू राय ने विश्वास जताया कि मंदिर परिसर में विराजमान देवी-देवताओं की कृपा से न केवल मंदिर जीर्णोद्धार कार्य शीघ्र पूर्ण होगा, बल्कि केबुल कंपनी में आर्थिक गतिविधियां भी दोबारा शुरू होंगी.इससे केबुल टाउन क्षेत्र एक बार फिर गुलजार होगा और यहां की पुरानी रौनक लौटेगी.