Jharkhand: केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना के घटक-बी के अंतर्गत झारखंड में सोलर पंप सेट योजना का क्रियान्वयन झारखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (जेरेडा) द्वारा किया जा रहा है। इस योजना का उदेश्य किसानों को स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराकर सिंचाई को सुगम बनाना तथा डीजल एवं पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करना है। योजना के तहत सोलर पंप सेट से किसानों को दिन के समय निर्बाध सिंचाई सुविधा मिलेगी, ईंधन व्यय में कमी आएगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा कृषि लागत घटने से किसानों की आय में वृद्धि होगी।
ऑनलाइन करने की प्रक्रिया संपन्न
उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि पीएम-कुसुम योजना पूर्वी सिंहभूम के किसानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने एवं सतत कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उपायुक्त के निर्देश पर योजना से किसानों को जोड़ने के लिए सभी प्रखंडों में 9 एवं 10 जनवरी को प्रत्येक पंचायतों में कैम्प आयोजित कर प्रति पंचायत 50-50 आवेदन सृजित करने का अभियान चलाया जा रहा है। प्रखण्ड प्रशासन की ओर से सभी पंचायतों में शिविर का आयोजन कर कृषक मित्रों के सहयोग से किसानों का आवेदन कराते हुए 12 जनवरी तक प्रज्ञा केन्द्र के माध्यम से जेरेडा पोर्टल में आवेदन को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया संपन्न की जायगी।
लाभार्थी किसानों को मिलने वाले
झारखण्ड सरकार के प्रयास से राज्य में सिंचाई की जरूरतों को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा आधारित एक आधुनिक और ऊर्जा-सक्षम समाधान हेतु राज्य एवं केंद्र सरकार के आर्थिक सहयोग से झारखंड के किसानों को 96-97% अनुदान पर सोलर पंप उपलब्ध कराया जा रहा है। झारखण्ड सरकार का अनुदान - 71-72% तथा केंद्र सरकार का अनुदान - लगभग 25% इच्छुक किसानों को पम्पसेट की क्षमता के आधार पर लाभार्थी किसानों को मिलने वाले अंशदान देय इस प्रकार होगा ।
2 एचपी सोलर पम्पसेट - ₹5,000 (वास्तविक कीमत ₹1.80 लाख) 3 एचपी सोलर पम्पसेट - ₹7,000 (वास्तविक कीमत ₹2.16 लाख) 5 एचपी सोलर पम्पसेट - ₹10,000 (वास्तविक कीमत ₹3.18 लाख) अब तक झारखंड ने 40,000 से अधिक सोलर पम्पसेट अधिष्ठापित कर लगभग 100 MW क्षमता हासिल की है, जिससे राज्य ने देश के शीर्ष पाँच अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बनाई है।
योजना से झारखंड राज्य का स्थायी निवासी किसान, जिनकी स्वयं की कृषि भूमि हो, जो पहले से सोलर पंप का लाभ न लिया हो वैसे किसान योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है। योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास पानी का स्त्रोत (जैसे बोरिंग, कुआं, तालाब इत्यादि) होना अनिवार्य हैं। किसान जिनके खेती में बिजली की सुविधा पहले से है, वे इस योजना का लाभ नहीं ले सकते हैं। एक किसान परिवार को एक से अधिक सोलर पम्पसेट नहीं दिया जा सकता है। किसान जो किसी अन्य योजना से पहले से ही सोलर पम्पसेट ले चुके हैं, वे इस योजना का लाभ नहीं ले सकते हैं। सोलर पम्पसेट हेतु आवेदन करने तथा विस्तृत जानकारी www.pmkusum.jharkhand.gov.in पर उपलब्ध है।
आवेदन प्रक्रिया
01 इच्छुक किसान अपना आवेदन राज्य सरकार के PM-KUSUM PORTAL Www.pmkusum.jharkhand.gov.in के माध्यम से लाभार्थी अंशदान के साथ ऑनलाइन आवेदन कर Acknowledgement slip कर सकते हैं।
02 आवेदन की स्थिति, पंप लगने के बाद की समस्याएं एवं रख-रखाव हेतु ऑनलाइन कंप्लेंट www.pmkusum.jharkhand.gov.in अथवा www.jreda.com पर दर्ज करा सकते हैं।
03 इस योजना के तहत् किसान को केवल एक सोलर पम्प सेट आवश्यकतानुसार “प्रथम आओ प्रथम पाओ“ के आधार उपलब्ध कराया जाएगा। 04 किसान PM-KUSUM App अथवा Portal के माध्यम से सोलर पंप की लाइव मॉनिटरिंग एवं चालू स्थिति देख सकते हैं। जो कि Google Play Store से डाउनलोड किया जा सकता है।
आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज
भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, फोटो आदि अपलोड करना होगा। आवेदन की जांच उपरांत पात्र किसानों का चयन किया जाएगा। इस योजना के तहत् किसान को केवल एक सोलर पम्प सेट आवश्यकतानुसार “प्रथम आओ प्रथम पाओ“ के आधार उपलब्ध कराया जाएगा। चयनित किसानों को निर्धारित अंशदान जमा करने के पश्चात सोलर पंप सेट स्थापित किया जाएगा। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी, आवेदन तिथि एवं दिशा-निर्देश जेरेडा की वेबसाइट अथवा नोडल विभाग के रूप में नामित कृषि विभाग से ली जा सकती है। अधिक जानकारी हेतु जिला कृषि पदाधिकारी (संपर्क सूत्र: 9934958010) अथवा संबंधित प्रखण्ड विकास पदाधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।