Gujarat: गुजरात के राजकोट जिले में शुक्रवार को लगातार आए भूकंप के झटकों से लोगों में भारी चिंता देखी गई। उपलेटा क्षेत्र में महज कुछ घंटों के भीतर बार-बार धरती हिलने से स्थानीय नागरिकों में डर का माहौल बन गया। स्थिति ऐसी हो गई कि लोग अपने घरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों में समय बिताने को मजबूर हो गए।
चार घंटों में कुल 9 बार भूकंप
शुक्रवार सुबह 6 बजकर 19 मिनट पर पहला झटका महसूस किया गया, जो अपेक्षाकृत तेज था। इसके बाद अगले चार घंटों में कुल 9 बार भूकंप आया। इन झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.7 से लेकर 3.8 तक दर्ज की गई। एक ही इलाके में बार-बार भूकंप आने से लोगों की घबराहट और बढ़ गई।
कुछ स्कूलों में छुट्टी घोषित
जानकारी के अनुसार, सभी भूकंपों का केंद्र उपलेटा से लगभग 27 किलोमीटर के दायरे में रहा। उपलेटा के साथ-साथ धोराजी और जेतपुर क्षेत्रों में भी धरती कांपने का असर महसूस किया गया। एहतियात के तौर पर जेतपुर के कुछ स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं
इससे पहले गुरुवार रात 8 बजकर 43 मिनट पर भी 3.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। लगातार आ रहे झटकों को देखते हुए नगर पालिका और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है, साथ ही सतर्क रहने की सलाह भी दी गई है।
2001 में आए भूकंप में हजारों लोगों की गई थी जान
गुजरात भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील राज्यों में शामिल है। वर्ष 2001 में आए विनाशकारी भूकंप की यादें आज भी लोगों के मन में ताजा हैं, जिसमें हजारों लोगों की जान चली गई थी। कच्छ के साथ-साथ राजकोट और आसपास के इलाके भी भूकंप संभावित क्षेत्रों में आते हैं।
मजबूत निर्माण पर ध्यान देने की जरूरत
हाल के महीनों में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में छोटे भूकंप दर्ज किए गए हैं। दिसंबर 2025 में गिर सोमनाथ और कच्छ क्षेत्र में भी झटके महसूस किए गए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि ये गतिविधियां भू-गर्भीय प्लेटों में हो रही हलचल का संकेत हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने, आपदा से निपटने की तैयारी रखने और मजबूत निर्माण पर ध्यान देने की जरूरत है।