Hazaribagh: हजारीबाग के आरक्षी स्कूल के मैदान में बुधवार की शाम एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। जहां आमतौर पर बच्चों की किलकारियों और खेल की खुशी सुनाई देती थी, वहीं इस बार मातम छा गया। क्रिकेट खेलने गया आठ वर्षीय मासूम बचा अब कभी अपना घर वापिस नहीं जा पाएगा और उसकी मां की गोद हमेशा के लिए सूनी हो गई।
मां पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसा उस समय हुआ जब अंजू कुमारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद थीं। तभी उन्हें सूचना मिली कि उनके बेटे के साथ पुलिस लाइन मैदान में कोई अनहोनी हो गई है। खबर पाकर वह सदमे में आ गईं। जब तक वह घर पहुंचीं, तब तक बच्चे को सदर अस्पताल ले जाया जा चुका था। डॉक्टरों ने कुछ ही देर बाद उसे मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनकर मां पर दुखों का पहाड़ टूट गया।
सुरक्षा की खामी बनी हादसे की वजह
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस लाइन मैदान के पास हाल ही में पुलिस लाइन की बाउंड्री वॉल का निर्माण किया गया था। निर्माण के बाद ठेकेदार ने लगभग 10 फीट गहरा गड्ढा बिना भरे ही छोड़ दिया था। गड्ढे में नाली का पानी भर जाने के कारण उसकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया था। सबसे गंभीर बात यह रही कि वहां न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया और न ही कोई सुरक्षा इंतज़ाम किए गए थे।
खेलते समय गड्ढे में गिरा बच्चा
बताया जा रहा है कि अंजू कुमारी का इकलौता बेटा अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने मैदान गया था। खेल के दौरान गेंद उसी पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। गेंद निकालने के लिए बच्चा आगे बढ़ा और अचानक गड्ढे में गिर गया। पानी में डूबने से उसकी हालत तुरंत गंभीर हो गई। साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचाया और आसपास के लोग दौड़कर आए। बच्चे को बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
ठेकेदार की लापरवाही से टूटा परिवार
बता दें कि अंजू कुमारी के पति का पहले ही निधन हो चुका है। अनुकंपा के आधार पर मिली नौकरी के जरिए वह अपनी दो बेटियों और इकलौते बेटे की परवरिश कर रही थीं। अब ठेकेदार की लापरवाही ने उनके जीवन से उनका आखिरी सहारा भी छीन लिया।
इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, क्या इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, या एक मां का दर्द सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा?