Jharkhand Political News: अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के निर्देश पर झारखंड में कांग्रेस ने मनरेगा को लेकर बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है. मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत राज्य के सभी जिलों में एक साथ संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर आंदोलन की औपचारिक शुरुआत की गई. कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने और गरीबों से रोजगार का अधिकार छीनने का आरोप लगाया.
सभी जिलों में एक साथ प्रेस वार्ता
इस अभियान के तहत प्रत्येक जिले में कांग्रेस जिलाध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं ने मीडिया को संबोधित किया.रांची में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर और महानगर अध्यक्ष कुमार राजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
साथ ही लोहरदगा में विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव, गुमला में कार्यकारी अध्यक्ष बन्धु तिर्की, गोड्डा में श्यामल किशोर सिंह और देवघर में संजय मुन्नम ने संवाददाताओं से बात की.
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा गरीबों की आजीविका का सबसे बड़ा सहारा है, लेकिन केंद्र सरकार लगातार बजट में कटौती कर और नियम बदलकर इसे खत्म करने की कोशिश कर रही है.
जब तक अधिकार बहाल नहीं, संघर्ष जारी रहेगा
कांग्रेस ने साफ कहा कि मनरेगा के तहत छीने गए काम के अधिकार, रोजगार और जवाबदेही की पूरी बहाली तक आंदोलन जारी रहेगा. पार्टी ने इसे गरीब, मजदूर और ग्रामीण जनता के सम्मान की लड़ाई बताया.
11 जनवरी को उपवास कार्यक्रम
प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव सह मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने बताया कि आंदोलन के पहले चरण में 11 जनवरी 2026 को राज्य के सभी जिलों में एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. यह उपवास राष्ट्रपिता महात्मा गांधी या डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष किया जाएगा.इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, विधायक और मंत्री अपने-अपने जिलों में शामिल होंगे.
पंचायत स्तर तक पहुंचेगा आंदोलन
उन्होंने बताया कि 12 जनवरी से 29 जनवरी 2026 तक पंचायत स्तर पर चौपाल और जनसंपर्क कार्यक्रम चलाए जाएंगे. इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का पत्र ग्राम प्रधानों, पूर्व ग्राम प्रधानों, रोजगार सेवकों और मनरेगा श्रमिकों तक पहुंचाया जाएगा.
कांग्रेस का कहना है कि इन कार्यक्रमों के जरिए मनरेगा कानून में बदलाव की कथित साजिश को जनता के सामने उजागर किया जाएगा.
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म करने की नीति पर काम कर रही है, जिससे ग्रामीण गरीबों की रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है. पार्टी ने जनता से इस आंदोलन में शामिल होकर मनरेगा और रोजगार के अधिकार की रक्षा करने की अपील की है.