Bokaro: बोकारो जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और उसमें हो रही जान-माल की क्षति को देखते हुए जिला प्रशासन अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। प्रशासन का मानना है कि अब तक चलाए गए तमाम जागरूकता अभियान अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाए हैं, ऐसे में मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नए प्रयोग पर विचार किया जा रहा है, जिसमें जुर्माने के साथ “थाना दर्शन” भी शामिल होगा।
नियमों का पालन करने की अपील
जिला प्रशासन की प्राथमिक चिंता दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट का उपयोग न करना है। प्रशासन का कहना है कि यदि दोपहिया वाहन पर सवार दोनों व्यक्ति हेलमेट का प्रयोग करें, तो सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में निश्चित रूप से कमी लाई जा सकती है। इसी उद्देश्य से 02 जनवरी से बोकारो में “रोको–टोको” अभियान चलाया गया, जिसके तहत बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों को समझाया गया और उनसे नियमों का पालन करने की अपील की गई।
प्रशासन की चिंता और बढ़ गई
इस अभियान के दौरान ट्रैफिक विभाग और जिला परिवहन विभाग द्वारा लगातार जांच अभियान चलाया गया तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना भी लगाया गया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन चालक आज भी हेलमेट पहनने से परहेज करते नजर आ रहे हैं, जिससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है।
थाना दर्शन” जैसे कदम पर विचार
इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) मारुति मिंज ने बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर सड़क दुर्घटनाओं को शून्य करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई जागरूकता और जांच अभियान चलाए गए, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में प्रशासन “थाना दर्शन” जैसे कदम पर विचार कर रहा है।
कानून के प्रति जागरूकता
डीटीओ ने स्पष्ट किया कि इस प्रस्तावित योजना के तहत सभी नियम तोड़ने वालों को नहीं, बल्कि कुछ चुनिंदा मामलों में मोटर वाहन अधिनियम के तहत जुर्माना लेने के बाद संबंधित व्यक्ति को थाना ले जाकर बैठाया जाएगा और उसे पूरे एमवी एक्ट की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य सजा देना नहीं, बल्कि लोगों में कानून के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
शून्य सड़क दुर्घटना की दिशा में आगे बढ़ाया
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी अभियान की सफलता जनसहयोग पर निर्भर करती है। बोकारो के लोग सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता से भली-भांति परिचित हैं, ऐसे में प्रशासन की अपील है कि दोपहिया वाहन पर सवार दोनों व्यक्ति अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें और मोटर वाहन अधिनियम के सभी नियमों का पालन करें, ताकि बोकारो को शून्य सड़क दुर्घटना की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।