Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-01-11

BREAKING: हजारीबाग के जेपी केंद्रीय कारा से फरार तीनों कैदी महाराष्ट्र से गिरफ्तार

BREAKING: हजारीबाग जिले के जय प्रकाश नारायण केंद्रीय कारा से फरार हुए तीन कैदियों को पुलिस ने महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के करमाला थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है. ये तीनों कैदी 31 दिसंबर 2025 की रात करीब 01:30 बजे जेल से फरार हो गए थे. घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था और जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे.
 
जेल निरीक्षण में खुला फरारी का मामला
घटना की जानकारी मिलने के बाद वरीय अधिकारियों ने जब जेल परिसर का निरीक्षण किया तब फरार कैदियों की पहचान सामने आई. इनमें पिछले 9 माह से जेल में बंद देवा भुईंया और तीन माह से बंद शिवन रवानी तथा राहुल रजवार शामिल थे. शिवन रवानी आजीवन कारावास की सजा काट रहा था.

फिल्मी अंदाज में जेल से भागने की पूरी कहानी
जांच में सामने आया कि तीनों कैदियों ने पूरी योजना के साथ जेल से फरारी को अंजाम दिया. सबसे पहले जेल की खिड़की का रॉड काटा गया और बेडशीट के सहारे नीचे उतरे. इसके बाद आंतरिक दीवार फांदकर बाहरी दीवार के अंदरूनी हिस्से से होते हुए गौशाला पहुंचे. वहां करीब 10 मिनट रुकने के बाद लोहे के हुक और चादर से रस्सी बनाई और लकड़ी के डंडे का सहारा लेकर बाहरी दीवार पार कर जेल से फरार हो गए.

SIT का गठन और गिरफ्तारी की रणनीति
तीनों कैदियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तीन विशेष जांच टीम का गठन किया. पहली टीम तकनीकी शाखा की मदद से तकनीकी साक्ष्य जुटा रही थी. दूसरी टीम फरार कैदियों के भागने के रास्तों का ट्रेल खंगाल रही थी. तीसरी टीम वरीय अधिकारियों के निर्देश पर अलग अलग स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही थी.
 
हजारीबाग से महाराष्ट्र तक फरारी का रूट
जांच के दौरान यह जानकारी मिली कि जेल से भागने के बाद तीनों कैदी सबसे पहले सिंदर चौक पहुंचे. वहां से टोटो पकड़कर ईचाक थाना क्षेत्र के कुरहा गांव गए जहां देवा भुईंया अपने साढ़ू के घर रुका. इसके बाद तीनों पिकअप वाहन से बरकट्ठा फिर बरही होते हुए कोडरमा पहुंचे. कोडरमा से लोकल ट्रेन पकड़कर गया गए और वहां से क्यूल होते हुए जसीडीह पहुंचे. जसीडीह में करीब दो दिनों तक पुणे जाने वाली ट्रेन का इंतजार किया. 4 जनवरी को जसीडीह पुणे एक्सप्रेस ट्रेन से रवाना होकर 6 जनवरी को महाराष्ट्र पहुंचे.

ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते पकड़े गए कैदी
महाराष्ट्र पहुंचने के बाद तीनों पैदल चलते हुए कोरटी चौक पहुंचे. वहां एक पूर्व परिचित ईंट भट्ठा मालिक से मुलाकात की और वहीं मजदूरी करने लगे. इसी दौरान गठित SIT टीम ने हजारीबाग सहित गिरिडीह धनबाद कोडरमा पश्चिम बंगाल उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में लगातार छापेमारी की. अंततः करमाला थाना क्षेत्र के कोरटी ईंट भट्ठा से तीनों फरार कैदियों को गिरफ्तार कर लिया गया.

ट्रांजिट रिमांड पर हजारीबाग लाए गए कैदी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर तीनों कैदियों को सुरक्षित हजारीबाग लाया है. आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है. यह मामला जेल सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करता है. जिस तरह से कैदियों ने योजनाबद्ध तरीके से जेल से फरारी की और कई राज्यों की सीमा पार कर मजदूरी तक शुरू कर दी, उसने प्रशासन की निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि पुलिस की लगातार छापेमारी और SIT की सक्रियता से कैदियों की गिरफ्तारी संभव हो सकी, लेकिन यह घटना भविष्य में जेल सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत की ओर साफ संकेत करती है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !