बंगाल में दहशत, झारखंड में तैयारी
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में दो नर्सों में निपाह वायरस जैसे लक्षण पाए गए हैं, जिसके बाद उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है। चूंकि झारखंड की सीमा बंगाल से सटी हुई है, इसलिए संक्रमण के प्रसार की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने तुरंत समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि विशेष रूप से सीमावर्ती इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त किया जाए और संदिग्ध लक्षणों वाले मरीजों की पहचान के लिए कड़ी निगरानी रखी जाए।
सदर अस्पताल और रिम्स में विशेष वार्ड
अलर्ट के बाद राजधानी रांची के रिम्स और सदर अस्पताल में विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार कर लिए गए हैं। रिम्स, यहाँ 22 बेड का आइसोलेशन वार्ड रिजर्व किया गया है। सदर अस्पताल, यहाँ 20 बेड सुरक्षित रखे गए हैं, जहाँ ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की पर्याप्त सुविधा सुनिश्चित की गई है।
आइए बताते हैं क्या हैं निपाह के लक्षण
डॉक्टरों के अनुसार, निपाह एक ज़ूनोटिक वायरस है जो जानवरों से इंसानों में फैलता है। इसके प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं, अचानक तेज़ बुखार और सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और गले में खराश, सांस लेने में गंभीर कठिनाई, गंभीर मामलों में मस्तिष्क में सूजन (एन्सेफलाइटिस), जिससे मरीज कोमा में जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील, जानिए क्या करें और क्या न करें
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने जनता से पैनिक न होने और सावधानी बरतने की अपील की है, फलों की जांच, पेड़ से गिरे हुए या कुतरे हुए फल खासकर खजूर बिल्कुल न खाएं।
वायरस से बचने का एकमात्र उपाय है
साफ-सफाई, हाथों को साबुन से बार-बार धोएं और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें, पशुओं से दूरी, बीमार सूअरों या चमगादड़ों के रहने वाले इलाकों से दूर रहें। यदि किसी व्यक्ति में सांस की तकलीफ या तेज़ बुखार जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को सूचित करें, झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में राज्य में कोई भी पुष्ट मामला नहीं है, लेकिन सावधानी ही इस जानलेवा वायरस से बचने का एकमात्र उपाय है।