Jharkhand News: झारखंड में स्कूल स्तर की परीक्षाओं के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है. राज्य में आठवीं, नौवीं और 11वीं कक्षा की परीक्षाएं अब होली के बाद मार्च महीने में आयोजित की जाएंगी. इन कक्षाओं की परीक्षा का संचालन झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा किया जाएगा. पहले इन परीक्षाओं को फरवरी के अंत में कराने की योजना थी, लेकिन अब नई तारीख तय की गई है.
पहली से सातवीं तक की परीक्षा मार्च के तीसरे सप्ताह में
पहली से सातवीं कक्षा तक की वार्षिक परीक्षाएं मार्च के तीसरे सप्ताह में होने की संभावना है. इन परीक्षाओं का आयोजन झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के माध्यम से किया जाएगा. पहली और दूसरी कक्षा की परीक्षा मौखिक होगी, जबकि तीसरी से सातवीं कक्षा तक की परीक्षा लिखित रूप में ली जाएगी. इस बार पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा भी आयोजित की जाएगी और इसमें असफल रहने वाले छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोशन नहीं मिलेगा.
निकाय चुनाव और होली की वजह से बदला शेड्यूल
झारखंड एकेडमिक काउंसिल की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 3 फरवरी से 23 फरवरी तक निर्धारित हैं. पहले इन परीक्षाओं के तुरंत बाद नौवीं और 11वीं की परीक्षा लेने की तैयारी थी. नगर निकाय चुनाव और 3 व 4 मार्च को होली पर्व को देखते हुए परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया. अब नौवीं और 11वीं की परीक्षा मार्च के दूसरे सप्ताह में कराने की तैयारी है.
स्कूलों में सिलेबस पूरा करने का मिलेगा समय
कई स्कूलों में अभी तक पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पाया है. शिक्षकों को समय की कमी का सामना करना पड़ रहा था. परीक्षा की तारीख आगे बढ़ने से स्कूलों को सिलेबस पूरा करने और छात्रों को तैयारी का अतिरिक्त समय मिलेगा.
11वीं के रजिस्ट्रेशन की तारीख भी बढ़ी
जैक ने 11वीं कक्षा में नामांकन को लेकर भी अहम निर्णय लिया है. 28 संस्थानों में सीट बढ़ाने की स्वीकृति दी गई है, जिनमें 22 वित्तरहित संस्थान और 6 डिग्री कॉलेज शामिल हैं. इसके साथ ही 11वीं कक्षा के रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि बिना विलंब शुल्क के 14 जनवरी तक बढ़ा दी गई है. इसके बाद नामांकन कराने पर लेट फीस देनी होगी.
छात्रों और स्कूलों दोनों को राहत
परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव से छात्रों और स्कूलों दोनों को राहत मिली है. बोर्ड परीक्षाओं, निकाय चुनाव और त्योहारों के दबाव के बीच यह फैसला व्यावहारिक माना जा रहा है. अतिरिक्त समय मिलने से सिलेबस पूरा करने और परीक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी.