Delhi: टेक जगत की दो सबसे दिग्गज कंपनियां, एप्पल और गूगल, एक ऐतिहासिक साझेदारी के लिए साथ आई हैं। सालों से चली आ रही प्रतिस्पर्धी प्रतिद्वंद्विता को पीछे छोड़ते हुए, अब एप्पल के डिवाइसेज में गूगल के शक्तिशाली एआई मॉडल जेमिनी का जादू देखने को मिलेगा। गूगल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बड़ी डील का आधिकारिक ऐलान किया है।
आईफोन और मैकबुक में बढ़ेगी AI की ताकत
इस पार्टनरशिप के तहत एप्पल के फाउंडेशन मॉडल्स को अब गूगल के जेमिनी एआई मॉडल और उसके उन्नत क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर तैयार किया जाएगा। इसका सीधा फायदा एप्पल के यूजर्स को मिलेगा। कंपनी ने साफ किया है कि इस डील का मुख्य उद्देश्य एप्पल इंटेलिजेंस फीचर्स को और अधिक सटीक और तेज बनाना है।
सिरी का होगा कायाकल्प
एप्पल का वर्चुअल असिस्टेंट सिरी अब पहले से कहीं ज्यादा इंटेलिजेंट और पर्सनलाइज्ड होने जा रहा है। गूगल की एआई तकनीक की मदद से सिरी अब यूजर्स के सवालों को बेहतर ढंग से समझेगी और इंसानों की तरह बातचीत कर पाएगी। बयान के मुताबिक, सिरी का यह नया और एडवांस वर्जन इसी साल लॉन्च किया जाएगा।
प्रमुख बिंदु, एक नजर में
टेक्नोलॉजी, एप्पल के डिवाइसेज में गूगल के जेमिनी एआई मॉडल का इस्तेमाल होगा। डिवाइसेज आईफोन, आईपैड, और मैकबुक में नए फीचर्स जुड़ेंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर, एप्पल अब गूगल क्लाउड की कंप्यूटिंग पावर का उपयोग करेगा। लॉन्च सिरी का नया एआई-पावर्ड वर्जन इसी साल बाजार में आएगा।
टेक इंडस्ट्री पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी एआई की रेस में माइक्रोसॉफ्ट और ओपन-एआई को कड़ी टक्कर देगी। जहां एप्पल को एक मजबूत एआई बेस मिल गया है, वहीं गूगल को अरबों आईफोन यूजर्स तक अपनी पहुंच बनाने का मौका मिलेगा। यह साझेदारी भविष्य की कंप्यूटिंग की दिशा तय करेगी, जहां सिरी सिर्फ एक वॉइस कमांड नहीं, बल्कि आपका निजी डिजिटल सहायक बन जाएगी।