जनभागीदारी से बनेगा अबुआ राज का बजट
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि अबुआ दिशोम-अबुआ अधिकार केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी कार्यशैली का आधार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंड की मिट्टी और यहाँ की विशिष्ट संस्कृति को बजट से जोड़ने के लिए जनता की भागीदारी अनिवार्य है। यह डिजिटल मंच नीति निर्धारण में आम लोगों की सीधी भूमिका सुनिश्चित करेगा, जिससे विकास की योजनाएं फाइलों से निकलकर सीधे जमीन तक पहुँचेंगी।
पोर्टल और ऐप की मुख्य विशेषताएं
राज्य के किसान, युवा, महिलाएँ और श्रमिक सीधे अपने सुझाव पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। मोबाइल ऐप के माध्यम से दूर-दराज के गांवों में रहने वाले लोग भी अपनी प्राथमिकताएं सरकार के साथ साझा कर सकेंगे। जनता के सुझावों का विश्लेषण कर उन्हें बजट की प्राथमिकता सूची में शामिल किया जाएगा।
विकास को मिलेगी नई दिशा
सरकार का लक्ष्य है कि बजट 2026-27 केवल आंकड़ों का खेल न होकर जनता की जरूरतों का दर्पण बने। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आम लोगों के जमीनी अनुभवों का लाभ उठाकर एक सशक्त झारखंड की नींव रखी जाएगी। इस पहल से न केवल शासन में पारदर्शिता आएगी, बल्कि लोकतंत्र की जड़ें भी मजबूत होंगी।