Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-01-15

Simdega Breaking: सिमडेगा पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्र पर जानलेवा हमला, कॉलेज और पुलिस नहीं कर रही कोई कार्रवाई

Simdega Breaking: सिमडेगा के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज से जुड़ा मामला और गंभीर हो गया है जहां मैकेनिकल ब्रांच के छात्र सूरज ओझा पर जानलेवा हमला किए जाने का आरोप सामने आया है. यह घटना कल शाम की बताई जा रही है. आरोप है कि धनबाद और बोकारो से आए छात्रों ने स्थानीय युवकों के साथ मिलकर सूरज ओझा पर बेरहमी से हमला किया.

पीड़ित पक्ष के अनुसार हमले में जैद, तन्मय सिंह राजपूत, प्रेम, अनुज, अंकुश, आदर्श, परवेज, कर्मांग और सिमडेगा के स्थानीय लड़के बड़ी संख्या में शामिल थे. बताया जा रहा है कि सभी आरोपी मैकेनिकल ब्रांच से जुड़े हुए हैं और इनमें कुछ धनबाद और बोकारो के रहने वाले हैं.

डेढ़ साल पुराने विवाद का बदला
बताया गया है कि वर्ष 2023 में सेंट जॉन स्कूल में परीक्षा केंद्र के दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी. उसी विवाद को लेकर जैद और उसके साथियों ने बदले की भावना से सूरज ओझा पर हमला किया. आरोप है कि यह हमला पूरी तरह सुनियोजित था.

BCC हॉस्टल के पास की घटना
घटना BCC हॉस्टल के पास उस समय हुई जब सूरज ओझा और उसके साथी अपने प्राइवेट हॉस्टल के बाहर मौजूद थे. मारपीट में सूरज ओझा का सिर फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे इलाज के लिए वरदान हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. साथियों का कहना है कि हमला इतना गंभीर था कि उसकी जान भी जा सकती थी.

छात्रों में डर और असुरक्षा का माहौल
हमले के बाद सूरज ओझा और उसके साथी अपने हॉस्टल में भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. सभी छात्रों ने घटना की जानकारी अपने परिजनों को दे दी है. उनका कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं जिससे डर का माहौल बना हुआ है.

थाना और कॉलेज प्रशासन पर गंभीर सवाल
पीड़ित छात्रों का आरोप है कि सिमडेगा थाना प्रभारी ने यह कहकर शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया कि घटना उनके क्षेत्राधिकार में नहीं आती. वहीं कॉलेज प्रबंधन और प्रिंसिपल की ओर से भी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. इससे छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.



छात्र सुरक्षा प्रशासनिक संवेदनशीलता और कानून व्यवस्था तीनों पर गंभीर सवाल
यह मामला छात्र सुरक्षा प्रशासनिक संवेदनशीलता और कानून व्यवस्था तीनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है. नामजद आरोप और गंभीर चोट के बावजूद यदि कार्रवाई में देरी होती है तो हालात और बिगड़ सकते हैं. ऐसे मामलों में त्वरित जांच निष्पक्ष कार्रवाई और छात्रों को सुरक्षा का भरोसा देना बेहद जरूरी है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !