जनहित से जुड़ी समस्याओं पर रहा जोर
निवारण दिवस के दौरान आवेदकों ने विविध समस्याओं से संबंधित आवेदन उपायुक्त के समक्ष रखे। मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर चर्चा हुई, सामाजिक सुरक्षा, विधवा पेंशन और झारखंड मुख्यमंत्री मइंयां सम्मान योजना का लाभ दिलाना। भूमि संबंधी मामले, म्यूटेशन दाखिल-खारिज, जमीन अतिक्रमण और भूमि विवाद का समाधान, बुनियादी ढांचा, नए चापानल लगवाना, सड़क व नाली निर्माण और रास्ता अवरुद्ध होने की शिकायतें। गुमशुदा नाबालिग की तलाश, गन लाइसेंस ट्रांसफर और झारखंड आंदोलनकारी प्रमाण पत्र निर्गत करना।
लापरवाही पर सख्त रुख, प्राथमिकता पर करें निष्पादन
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने स्पष्ट किया कि जन शिकायतों के निपटारे में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों को भेज दिया गया है और उनकी नियमित समीक्षा की जाएगी।प्रत्येक आवेदन पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जन समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
त्वरित समाधान से नागरिकों में हर्ष
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि कई तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों को उपायुक्त ने मौके पर ही दूर कर दिया। जिन आवेदनों का समाधान तुरंत संभव नहीं था, उनके लिए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को स्पष्ट समय-सीमा दी गई है।