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  • 2026-01-16

Jamshedpur Kidnapping Case: कैरव गांधी अपहरण केस में नया मोड़, 22 मिनट का CCTV गैप बना पहेली, चार दिन बाद भी खाली हाथ पुलिस....

Jamshedpur: उद्यमी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण को चार दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। यह सनसनीखेज अपहरणकांड फिलहाल एक अहम कड़ी, 22 मिनट के संदिग्ध गैप पर आकर अटक गया है, जिसे पुलिस पूरे मामले का टर्निंग पॉइंट मान रही है।
सूत्रों के अनुसार, कैरव गांधी का अपहरण पुलिस का स्टीकर लगी एक स्कॉर्पियो वाहन से किया गया था। यह स्कॉर्पियो 13 जनवरी को दोपहर 1.29 बजे एनएच-33 स्थित पाटा टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई। इसके बाद यही वाहन लगभग 22 मिनट बाद पाटा टोल से करीब दो किलोमीटर दूर जोयदा स्थित एक होटल के सीसीटीवी फुटेज में नजर आया।

स्टीकर गायब होने से बढ़ा शक
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि होटल के कैमरे में दिखी स्कॉर्पियो पर पुलिस का स्टीकर नहीं था। महज दो किलोमीटर की दूरी तय करने में 22 मिनट लगने को लेकर पुलिस को गहरा संदेह है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसी दौरान अपहरणकर्ताओं ने किसी सुनसान जगह पर वाहन रोककर पुलिस का स्टीकर हटाया, कैरव गांधी को दूसरी गाड़ी में बैठाया और फिर दोनों वाहन अलग-अलग या एक ही दिशा में रांची की ओर रवाना हो गए।

इसी कड़ी को जोड़ने के लिए पुलिस ने जोयदा होटल समेत एनएच-33 पर लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है।

हाजीपुर गैंग पर जांच का फोकस
अपहरणकांड की जांच का फोकस अब बिहार के हाजीपुर में सक्रिय आपराधिक गिरोह पर आ गया है। पुलिस को आशंका है कि इस वारदात में हाजीपुर के कुख्यात अरविंद गिरोह की भूमिका हो सकती है। इसी आधार पर शुक्रवार को पुलिस ने हाजीपुर, पटना और आसपास के इलाकों में कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अरविंद गिरोह का नेटवर्क बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ है। हालांकि लगातार दबिश के बावजूद अब तक कोई ठोस सुराग या गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

जेम्को के युवकों से पूछताछ के बाद रिहाई
मामले में संदेह के आधार पर पुलिस ने जेम्को निवासी बबलू खट्टा समेत दो अन्य युवकों को हिरासत में लिया था। पूछताछ के दौरान उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर पुलिस ने तीनों को पीआर बॉन्ड पर रिहा कर दिया।

छोटू यादव गिरोह भी रडार पर
पुलिस की नजर भागलपुर के कुख्यात छोटू यादव गिरोह पर भी बनी हुई है। यह गिरोह पूर्व में अपहरण, फिरौती, रंगदारी और संगठित अपराध के कई मामलों में संलिप्त रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इसकी गतिविधियां भागलपुर, नवगछिया, कहलगांव, सुल्तानगंज, मुंगेर और खगड़िया बेल्ट तक फैली रही हैं। जांच एजेंसियां इस एंगल से भी मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।

पुलिस का दावा है कि सभी संभावित पहलुओं पर जांच जारी है और जल्द ही अपहरणकांड का खुलासा किया जाएगा।
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