Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-01-17

Pakur News: ट्रेन सुविधाओं को लेकर पाकुड़ में बड़ा विरोध प्रदर्शन, पत्थर कारोबारियों ने रोकी रेलवे लोडिंग

Pakur: पाकुड़ जिले में पत्थर कारोबारी ओनर एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को पत्थर व्यवसायियों ने रेलवे में पत्थर की लोडिंग पूरी तरह से बंद कर दी। व्यवसायियों का आरोप है कि पाकुड़ जिला रेलवे को हर साल करोड़ों रुपये का राजस्व देता है, इसके बावजूद यहां के यात्रियों को बुनियादी ट्रेन सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। एसोसिएशन ने साफ कहा है कि जिले की लगातार उपेक्षा अब स्वीकार नहीं की जाएगी।

पत्थर कारोबारियों ने दी रेलवे को चेतावनी 

हाल ही में झामुमो के केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा ने पाकुड़ के पत्थर कारोबारियों के साथ बैठक कर यह चेतावनी दी थी कि यदि रेलवे ने यात्रियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो पत्थर की लोडिंग रोकी जाएगी। शुक्रवार को उनकी यह चेतावनी हकीकत में बदल गई।

व्यवसायियों की प्रमुख मांगों में शामिल 

व्यवसायियों की प्रमुख मांगों में कोविड-19 के दौरान बंद की गई ट्रेनों का पुनः संचालन, पाकुड़ होकर गुजरने वाली प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव, पटना और दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा शुरू करना तथा यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है।

इस आंदोलन से रेलवे को लगभग दो करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान 

पत्थर की लोडिंग ठप होने से रेलवे को प्रतिदिन लगभग दो करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है, जबकि राज्य सरकार को भी हर दिन करीब 40 लाख रुपये का नुकसान हो सकता है। इस आंदोलन का असर हजारों मजदूरों की रोजी-रोटी पर भी पड़ने की आशंका है। शुक्रवार को अपर साइडिंग, लोअर साइडिंग, बहीरग्राम और तिलभिट्टा रेलवे साइडिंग में कई खाली रेलवे रैक खड़े नजर आए।

पत्थर व्यवसायी गोपी बत्रा ने कहा 

पत्थर व्यवसायी गोपी बत्रा ने बताया कि पाकुड़ जिले के कारोबारी हर साल रेलवे को भारी राजस्व देते हैं, लेकिन बदले में उन्हें कोई सुविधा नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि पटना और दिल्ली के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है और कई लोकल व एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन भी बंद कर दिया गया है।

गोपी बत्रा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक रेलवे रैक में पत्थर की लोडिंग नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले पाकुड़ से प्रतिदिन करीब छह रेलवे रैक पत्थर भेजे जाते थे, लेकिन अब स्थिति यह है कि जो ट्रेनें पहले चलती थीं, उन्हें भी बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा, “हम प्लेटफॉर्म पर खड़े रह जाते हैं और हमारे सामने से ट्रेनें सीटी बजाती हुई निकल जाती हैं।”

व्यवसायियों आंदोलन जारी रखने की दो चेतावनी 

व्यवसायियों ने चेतावनी दी है कि जब तक हावड़ा डिवीजन के रेलवे अधिकारी उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं देंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। झामुमो के केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा ने भी कहा कि पाकुड़ और साहिबगंज के साथ हो रहा भेदभाव अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने चेताया कि यदि जल्द ही ट्रेन सुविधाएं बहाल नहीं की गईं, तो आने वाले दिनों में कोयले की ढुलाई भी बंद करने पर विचार किया जाएगा।
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !