Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-01-17

Jharkhand News: सोमा मुंडा हत्याकांड के विरोध में आज झारखंड बंद, 16 आदिवासी संगठनों ने मिलकर किया समर्थन

Jharkhand: खूंटी में आदिवासी समाज के प्रमुख नेता सोमा मुंडा की हत्या के खिलाफ आज विभिन्न आदिवासी संगठनों ने झारखंड बंद का आह्वान किया है। इस बंद को कुल 16 आदिवासी संगठनों का समर्थन प्राप्त है।

बंद का दिखा असर 

बंद का असर राजधानी रांची में भी आंशिक रूप से देखा गया। अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध जताया और लगातार नारेबाजी की। कुछ स्थानों पर दुकानों को बंद कराया गया, हालांकि बंद का व्यापक प्रभाव नजर नहीं आया। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही सीमित संख्या में जारी रही।

प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाकर आक्रोश किया जाहिर

खूंटी, सिमडेगा और आसपास के क्षेत्रों में सामान्य दिनों की तुलना में सड़क पर गाड़ियों की संख्या कम रही। खूंटी से सटे इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाकर अपना आक्रोश जाहिर किया। चूंकि बंद का मुख्य केंद्र खूंटी जिला है, इसलिए यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

सभी प्रखंडों में कुल 42 दंडाधिकारियों की तैनाती हुई 

बंद को देखते हुए जिला प्रशासन ने खूंटी जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखंडों में कुल 42 दंडाधिकारियों की तैनाती की है। प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर पूरी तरह सतर्क है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की व्यवस्था की गई है।

गिरफ्तारी और न्याय की मांग को लेकर बंद

आदिवासी संगठनों ने सोमा मुंडा की हत्या के आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और न्याय की मांग को लेकर एक दिवसीय राज्यव्यापी बंद बुलाया है। प्रशासन का मानना है कि बंद का सबसे अधिक प्रभाव खूंटी जिले में पड़ सकता है, इसी वजह से यहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

अल्बर्ट एक्का चौक तक मशाल जुलूस निकाला

बंद से पहले शुक्रवार की शाम आदिवासी संगठनों ने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक मशाल जुलूस निकाला था। इस दौरान लोगों से झारखंड बंद को सफल बनाने की अपील की गई।

आदिवासी जनपरिषद के अध्यक्ष प्रेमशाही मुंडा ने कहा था कि सोमा मुंडा केवल एक सामाजिक कार्यकर्ता ही नहीं थे, बल्कि 56 गांवों के पारंपरिक एदेल संगा पड़हा राजा भी थे। उनकी हत्या से आदिवासी समाज में गहरा आक्रोश है और लोग न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं।
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !