Jamshedpur: जमशेदपुर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और लचर कानून-व्यवस्था के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को हुंकार भरी। अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत, भाजपा कार्यकर्ताओं ने विधायक पूर्णिमा दास साहू के नेतृत्व में एक विशाल आक्रोश रैली निकाली और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भाजपा मुख्यालय से SSP कार्यालय तक आक्रोश
रैली की शुरुआत भाजपा मुख्यालय से हुई, जहाँ सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एकत्रित हुए। हाथों में झंडे और बैनर लिए कार्यकर्ता शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारे लगा रहे थे। रैली का मुख्य पड़ाव साकची स्थित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय था। वहां पहुँचकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं के आक्रोश को देखते हुए परिसर के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
विधायक पूर्णिमा दास साहू ने साधा निशाना
जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा दास साहू ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि शहर में अपराधियों का मनोबल चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है, जबकि प्रशासन हालात पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह विफल साबित हुआ है।
आइए बताते है उन्होंने कहा
जमशेदपुर की सड़कों पर अब भय का माहौल है। आए दिन हो रही आपराधिक घटनाओं ने शहर की शांति भंग कर दी है। यदि जिला प्रशासन जल्द ही कानून-व्यवस्था में सुधार नहीं करता है, तो भाजपा चुप नहीं बैठेगी और पूरे झारखंड में इससे भी बड़ा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
32 साल पुराने इतिहास की पुनरावृत्ति
इस आंदोलन ने जमशेदपुर की राजनीति में 32 साल पुरानी यादें ताजा कर दी हैं। भाजपा नेताओं ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि वर्ष 1992 में भी शहर की गिरती कानून-व्यवस्था के खिलाफ भाजपा ने इसी तरह एसपी कार्यालय का घेराव किया था। उस समय जमशेदपुर के एसपी परवेज हयात हुआ करते थे। ठीक 32 साल बाद, एक बार फिर भाजपा ने उसी स्थान पर और उसी मुद्दे पर आंदोलन कर जिला प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है।
प्रशासन को अल्टीमेटम
प्रदर्शन के अंत में भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। नेताओं का कहना था कि शहर में चोरी, छिनतई और गोलीबारी जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। उन्होंने मांग की है कि पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और चिह्नित अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक चेतावनी है, अगर स्थिति नहीं सुधरी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।