Giridih: सदर अस्पताल परिसर में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मचारियों का धरना सोमवार को उस समय और उग्र हो गया, जब नवनिर्वाचित डुमरी विधायक जयराम महतो उनके समर्थन में धरनास्थल पर पहुंचे। पिछले कई दिनों से जारी इस विरोध प्रदर्शन को विधायक के आने से नई मजबूती मिली है।
व्यवस्था की रीढ़ हैं ये कर्मचारी, जयराम महतो
धरनास्थल पर मौजूद कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जयराम महतो ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की पूरी व्यवस्था इन आउटसोर्सिंग कर्मियों के कंधों पर टिकी है। उन्होंने अफसोस जताया कि जो लोग जनता की सेवा में दिन-रात लगे रहते हैं, आज उन्हें ही अपने वाजिब हक के लिए सड़कों पर बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है। विधायक ने कर्मचारियों की समस्याओं को विस्तार से सुना और आश्वासन दिया कि वे उनकी आवाज को सदन से लेकर सरकार तक पहुंचाएंगे।
मौके से ही स्वास्थ्य मंत्री को लगाया फोन
आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए जयराम महतो ने प्रदर्शन स्थल से ही राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को फोन लगाया। उन्होंने मंत्री को गिरिडीह सदर अस्पताल की स्थिति से अवगत कराया और कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मियों की मांगों पर तुरंत विचार किया जाना चाहिए। महतो ने फोन पर जोर देते हुए कहा, "ये कर्मचारी वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, इनके साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। इनके भविष्य को सुरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
आंदोलनकारी कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें न तो समय पर वेतन मिलता है और न ही उनकी नौकरी की कोई सुरक्षा है। उनकी मुख्य मांगों में शामिल हैं। बकाये वेतन का अविलंब भुगतान, न्यूनतम मजदूरी दर लागू करना, कार्यमुक्ति पर रोक और सेवा का स्थायीकरण।
विधायक के हस्तक्षेप के बाद कर्मचारियों में एक उम्मीद जगी है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार की ओर से कोई लिखित और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।