क्या है राहुल गांधी का आरोप
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया और हालिया जनसभाओं में कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि गरीबों के लिए काम के अधिकारकी कानूनी गारंटी थी। उनके अनुसार, नया कानून विकसित भारत, गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन यानी VB-G RAM G, इस अधिकार को खत्म कर इसे सरकार की मर्जी पर निर्भर एक रेवड़ी बना देगा।
राहुल गांधी के मुख्य बिंदु
अधिकारों का हनन, अब काम मांगना गरीब का हक नहीं रहेगा, बल्कि दिल्ली तय करेगी कि किस पंचायत को काम देना है। नौकरशाही को प्राथमिकता, राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार ने पंचायतों की शक्ति छीनकर इसे पूरी तरह नौकरशाहों और ठेकेदारों के नियंत्रण में कर दिया है। राज्यों पर बोझ नए कानून में राज्यों को 40% खर्च उठाना होगा, जिससे गरीब राज्यों के लिए रोजगार देना मुश्किल हो जाएगा।
देशभर में मनरेगा बचाओ आंदोलन
कांग्रेस पार्टी ने इस नए कानून के विरोध में देशभर में मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान शुरू किया है। 10 जनवरी से शुरू हुआ यह आंदोलन 25 फरवरी तक चलेगा। इसके तहत राहुल गांधी आज खुद अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली में मनरेगा चौपाल लगाकर मजदूरों और ग्रामीणों से संवाद कर रहे हैं।
कांग्रेस का कहना है कि मोदी सरकार ने महात्मा गांधी के नाम को योजना से हटाकर उनके सिद्धांतों का अपमान किया है। पार्टी की मांग है कि पुराने मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए, ताकि ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था सुरक्षित रह सके।