Jharkhand: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्य विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष एवं विधायक कल्पना सोरेन तथा झारखंड के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों ने हाल ही में स्वीडन–इंडिया बिज़नेस काउंसिल (SIBC) की मुख्य इंडिया प्रतिनिधि सेसिलिया ओल्डने से एक औपचारिक शिष्टाचार मुलाकात की। इस बैठक का प्रमुख उद्देश्य झारखंड और स्वीडन के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को और अधिक सशक्त बनाना तथा संभावित साझेदारियों पर विस्तार से विचार-विमर्श करना था।
मुलाकात के दौरान सेसिलिया ओल्डने ने बताया कि वर्तमान में भारत में 50 से अधिक स्वीडिश कंपनियां सक्रिय रूप से निवेश और व्यापार कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि झारखंड अपनी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, समृद्ध औद्योगिक संभावनाओं और निवेश-अनुकूल नीतियों के कारण भविष्य में स्वीडिश कंपनियों के लिए एक प्रमुख निवेश गंतव्य बन सकता है। उन्होंने स्वीडन–इंडिया बिज़नेस काउंसिल की ओर से झारखंड सरकार के साथ व्यापारिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए पूर्ण समर्थन देने की प्रतिबद्धता भी जताई।
बैठक में पिछले वर्ष दावोस में हुई चर्चाओं और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्वीडन दौरे के दौरान वोल्वो सहित अन्य स्वीडिश उद्योग समूहों के साथ हुई बैठकों के निष्कर्षों की भी समीक्षा की गई। इन चर्चाओं के परिणामस्वरूप दोनों पक्षों ने आगामी अप्रैल माह में एक विशेष राउंडटेबल बैठक आयोजित करने पर सहमति जताई, जिसमें अर्बन मोबिलिटी और शहरी परिवहन के लिए वित्तीय व्यवस्था जैसे विषयों पर विशेष रूप से विचार किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि झारखंड में प्रत्येक वर्ष सरकारी विद्यालयों के लाखों विद्यार्थियों को साइकिल उपलब्ध कराई जाती है, ताकि आर्थिक कारणों से उनकी शिक्षा प्रभावित न हो। उन्होंने स्वीडन–इंडिया बिज़नेस काउंसिल से आग्रह किया कि झारखंड में साइकिल और ई-साइकिल के उपयोग की संभावनाओं पर एक विस्तृत व्यवहार्यता (फीज़िबिलिटी) अध्ययन कराया जाए।
यह अध्ययन यह समझने में सहायक होगा कि इलेक्ट्रिक साइकिलों को विद्यार्थियों तक किस प्रकार प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सकता है और कैसे यह पहल शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और परिवहन व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।
यह बैठक झारखंड और स्वीडन के बीच आर्थिक और औद्योगिक संबंधों को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई, साथ ही शिक्षा, शहरी परिवहन और नवाचार के क्षेत्रों में भविष्य के सहयोग के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार करती है।