Jamtara: जामताड़ा साइबर अपराध के गढ़ के रूप में चर्चित जामताड़ा में पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए साइबर थाना पुलिस ने नारायणपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर तीन शातिर अपराधियों को रंगे हाथ दबोचा है। इस कार्रवाई से इलाके के साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
छापेमारी और बरामदगी
पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने नारायणपुर के संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ युवक तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल कर लोगों के बैंक खातों में सेंध लगा रहे हैं। घेराबंदी के दौरान तीन आरोपियों को पकड़ा गया। इनके पास से पुलिस ने 7 मोबाइल फोन और 7 सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनका उपयोग ठगी की वारदातों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।
ठगी का नया तरीका, फोनपे के जरिए जालसाजी
पूछताछ के दौरान पकड़े गए अपराधियों ने कबूल किया कि वे मुख्य रूप से PhonePe के माध्यम से लोगों को अपना शिकार बनाते थे। वे फर्जी अधिकारी बनकर या कैशबैक और रिवॉर्ड का झांसा देकर लोगों के मोबाइल पर लिंक भेजते थे और जैसे ही पीड़ित उस पर क्लिक करता, उनके खाते से पैसे उड़ा लिए जाते थे।
पुलिस अधीक्षक की अपील
मामले की पुष्टि करते हुए SP राजकुमार मेहता ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा पुलिस इन अपराधियों के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। इनके तार किन-किन राज्यों से जुड़े हैं और अब तक इन्होंने कितने लोगों को चूना लगाया है, इसकी गहन जांच की जा रही है। बहुत जल्द गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपना OTP या UPI पिन किसी के साथ साझा न करें।
पुलिस के अनुसार, ये अपराधी नारायणपुर के सुदूर इलाकों और जंगलों का फायदा उठाकर नेटवर्क ऑपरेट करते थे ताकि आसानी से पकड़ में न आ सकें। हालांकि, तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस इन तक पहुँचने में सफल रही।