Jharkhand News: परिवहन विभाग के ताजा आंकड़ों में राज्य के जिलों की राजस्व स्थिति साफ तौर पर सामने आई है. रेवेन्यू कलेक्शन के मामले में रांची ने पहला स्थान हासिल किया है. रांची जिले से कुल 2936.16 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है. दूसरे स्थान पर जमशेदपुर रहा, जहां से 1982.48 करोड़ रुपये की वसूली की गई है. तीसरे नंबर पर धनबाद है, जिसने 1659.01 करोड़ रुपये का योगदान दिया है. इसके बाद हजारीबाग से 1378.98 करोड़ और बोकारो से 852.03 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है.
परमिट जारी करने में हजारीबाग सबसे आगे
परमिट जारी करने के मामले में हजारीबाग जिला सबसे आगे रहा है. यहां से कुल 73,500 परमिट जारी किए गए हैं. पश्चिमी सिंहभूम दूसरे स्थान पर है, जहां 26,894 परमिट दिए गए. रांची से 18,522 परमिट जारी हुए हैं. दुमका जिले में 17,719 परमिट दिए गए. पांचवें स्थान पर पलामू है, जहां से 6585 परमिट जारी किए गए हैं.
डिजिटल लाइसेंस से भी बढ़ा विभाग का खजाना
परिवहन विभाग ने डिजिटल सेवाओं के जरिए भी बड़ी संख्या में लाइसेंस जारी किए हैं. अब तक 36 लाख 54 हजार 470 डिजिटल लर्निंग लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं. इसके साथ ही 32 लाख 80 हजार 169 डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस दिए गए हैं. 76 डिजिटल ड्राइविंग स्कूल लाइसेंस भी जारी किए गए हैं. इन सभी मदों से विभाग को कुल 389.43 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है.
वाहन रजिस्ट्रेशन में भी रांची सबसे आगे
वाहनों के रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों में भी रांची जिला टॉप पर है. रांची में 17 लाख 23 हजार 414 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ है. पश्चिमी सिंहभूम दूसरे स्थान पर है, जहां 12 लाख 15 हजार 866 वाहनों का रजिस्ट्रेशन दर्ज किया गया. धनबाद में 10 लाख तीन हजार 810 वाहन पंजीकृत हुए हैं. हजारीबाग में छह लाख 79 हजार 406 और बोकारो में पांच लाख 72 हजार 692 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ है.
औद्योगिक क्षेत्रों का योगदान सबसे अधिक
परिवहन विभाग के ये आंकड़े बताते हैं कि राजस्व और डिजिटल सेवाओं के मामले में बड़े जिले लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रहे हैं. रांची और जमशेदपुर जैसे शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों का योगदान सबसे अधिक है, जबकि हजारीबाग परमिट जारी करने में आगे रहकर अपनी अलग पहचान बना रहा है. डिजिटल लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की बढ़ती संख्या यह संकेत देती है कि आने वाले समय में परिवहन विभाग का राजस्व और पारदर्शिता दोनों और मजबूत हो सकते हैं.