दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए सात गायों का वितरण
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला गव्य विकास पदाधिकारी डॉ. चंदन गोविन्द देव ने की। इस अवसर पर जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए सैकड़ों पशुपालकों ने हिस्सा लिया। मेले के दौरान पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कुल सात उन्नत नस्ल की गायों का वितरण किया गया। विशेषज्ञों ने पशुपालकों को इन गायों के उचित रख-रखाव और पोषण के बारे में भी जानकारी दी।
नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान है मील का पत्थर पशुपालकों को संबोधित करते हुए डॉ. चंदन गोविन्द देव ने सरकार की कृत्रिम गर्भाधान योजना पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, नस्ल सुधार ही दुग्ध क्रांति का आधार है। सरकार की यह योजना पूर्णतः निःशुल्क है। इसके माध्यम से कम दूध देने वाली स्थानीय गायों का उन्नत नस्ल के सीमेन से प्रजनन कराया जाता है, जिससे आने वाली पीढ़ी अधिक दुग्ध उत्पादन करने में सक्षम होती है।
उन्होंने आगे बताया कि अब पशुओं का ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है, जिसके तहत आधार आधारित टैग नंबर लगाया जाता है। इससे पशुपालक अपने पशुओं का पूरा स्वास्थ्य और टीकाकरण विवरण डिजिटल रूप से देख सकते हैं।
जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति
मेले में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया और सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने के प्रयासों की सराहना की। मौके पर सरायकेला विधायक प्रतिनिधि सनंद आचार्य और खरसावां विधायक प्रतिनिधि मांगीलाल महतो उपस्थित रहे। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे बिचौलियों के चक्कर में न पड़कर सीधे विभागीय योजनाओं का लाभ उठाएं।