Ramgarh: रामगढ़ पुलिस ने साइबर अपराध के एक गंभीर मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो साइबर ठगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह कार्रवाई साइबर अपराध थाना रामगढ़ में दर्ज एक कांड के अनुसंधान के दौरान की गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रजरप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत जरियो गांव निवासी अबु तालिब (उम्र 29 वर्ष) और रामगढ़ निवासी मो. सरफराज उर्फ सोनू (उम्र 27 वर्ष) के रूप में की गई है। पुलिस ने इनके पास से दो बैंक पासबुक और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी में किए जाने की आशंका है।
साइबर अपराध थाना में मामला दर्ज
मिली जानकारी के अनुसार यह मामला 20 दिसंबर को प्रकाश में आया, जब मांडू क्षेत्र के जमुआ गांव निवासी रूबी खातून (38 वर्ष) ने साइबर अपराध थाना रामगढ़ में एक लिखित आवेदन दिया था। अपने आवेदन में रूबी खातून ने आरोप लगाया कि अबु तालिब, मो. सरफराज और उनके अन्य सहयोगियों ने गिरोह बनाकर उनके और उनकी तीन गोतनी के नाम से इंडियन ओवरसीज बैंक में खाते खुलवाए। इसके साथ ही सभी के नाम पर जियो कंपनी के सिम कार्ड भी निकलवाए गए।
आईटी एक्ट के तहत कांड दर्ज
आवेदिका के अनुसार आरोपियों ने इन बैंक खातों और सिम कार्डों का उपयोग कर साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया और संबंधित बैंक खातों को अपने कब्जे में रख लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर अपराध थाना रामगढ़ में आईटी एक्ट के तहत कांड दर्ज किया गया।
एसआईटी टीम का हुआ गठन
घटना की जानकारी मिलते ही रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) सह साइबर अपराध थाना प्रभारी चंदन कुमार वत्स के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी को तकनीकी अनुसंधान के माध्यम से त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
दोनों आरोपी गिरफ्तार
जांच के क्रम में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नामजद दोनों अभियुक्तों को पूछताछ के लिए साइबर अपराध थाना रामगढ़ लाया गया। पूछताछ के दौरान उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
फिलहाल पुलिस इस मामले में अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है।