Jharkhand News: गुमला जिले में अवैध बालू खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. सिसई थाना क्षेत्र के सुपाली गांव में की गई छापेमारी में कोयल नदी से अवैध रूप से उत्खनन कर भंडारित किए गए बालू का बड़ा खुलासा हुआ है. कार्रवाई में भारी मात्रा में अवैध बालू जब्त की गई है.
छापेमारी में खुला अवैध खनन का खेल
जिला खनन पदाधिकारी विभूति कुमार और खान निरीक्षक की संयुक्त टीम ने सुपाली गांव में छापेमारी की. जांच के दौरान यह सामने आया कि कोयल नदी से अवैध रूप से बालू निकालकर आसपास के इलाकों में भंडारण किया गया है. मौके पर बालू के बड़े ढेर पाए गए, जिससे लंबे समय से अवैध गतिविधि की पुष्टि हुई.
प्राथमिक विद्यालय के पीछे मिला भारी भंडार
अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया. इस दौरान सुपाली पतराडांड़ स्थित प्राथमिक विद्यालय के पीछे करीब 60 हजार घनफीट अवैध बालू उत्खनन कर भंडारित पाया गया. जांच में प्रेम साहू, सुधीर साहू, जगन उरांव और सुभाष मिंज की संलिप्तता सामने आई है.
पहले भी दर्ज हो चुके हैं मामले
जांच में यह भी जानकारी मिली कि संबंधित आरोपियों के खिलाफ पहले भी अवैध बालू से जुड़े मामलों में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है. आरोपियों के पास बालू खनन या भंडारण के लिए कोई वैध पट्टा नहीं पाया गया.
बालू जब्त
अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए मौके पर मौजूद सभी अवैध बालू को जब्त कर लिया है. जब्त बालू की नीलामी उपायुक्त स्तर से की जाएगी. फिलहाल जब्त बालू की सुरक्षा की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान नागफेनी विरिया पहान को सौंपी गई है.
गुमला जिले में हुई यह कार्रवाई प्रशासन की उस नीति को दर्शाती है, जिसमें अवैध खनन के खिलाफ लगातार सख्ती बरती जा रही है. कोयल नदी क्षेत्र में बड़ी मात्रा में बालू की बरामदगी यह संकेत देती है कि अवैध खनन पर निगरानी और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि पर्यावरण और सरकारी राजस्व दोनों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके.