Jharkhand Politics: भारतीय जनता पार्टी को झारखंड में नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है. बसंत पंचमी के अवसर पर प्रो. आदित्य साहू ने औपचारिक रूप से प्रदेश अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण किया. इस मौके पर पार्टी कार्यालय में धार्मिक अनुष्ठान के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ.
पदभार से पहले पूजा और हवन
प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व संभालने से पहले भाजपा के प्रदेश कार्यालय में विधिवत पूजा और हवन का आयोजन किया गया. इस धार्मिक अनुष्ठान के बाद आदित्य साहू ने औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया. कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण और संगठनात्मक एकजुटता से भरा रहा.
वरिष्ठ नेताओं की रही मौजूदगी
पदभार ग्रहण समारोह में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता, प्रदेश पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे. सभी ने नए प्रदेश अध्यक्ष को शुभकामनाएं दीं और उनके कार्यकाल के लिए सफल नेतृत्व की उम्मीद जताई.
बधाइयों का लगा तांता
पदभार ग्रहण के बाद आदित्य साहू को पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बधाई दी. नेताओं ने कहा कि उनके नेतृत्व में संगठन को नई दिशा और मजबूती मिलेगी. कार्यक्रम के दौरान संगठन को और मजबूत करने को लेकर सकारात्मक संदेश दिया गया.
अब तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष
- भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अब तक कई नेताओं ने जिम्मेदारी निभाई है. दुखा भगत वर्ष 1998 से दिसंबर 2001 तक इस पद पर रहे.
- अभयकांत प्रसाद दिसंबर 2001 से जुलाई 2004 तक अध्यक्ष रहे.
- रघुवर दास ने जुलाई 2004 से मई 2005 और फिर जनवरी 2009 से सितंबर 2010 तक जिम्मेदारी संभाली.
- यदुनाथ पांडेय मई 2005 से अक्टूबर 2007 तक अध्यक्ष रहे.
- पशुपतिनाथ सिंह अक्टूबर 2007 से जनवरी 2009 तक प्रदेश अध्यक्ष रहे.
- दिनेशानंद गोस्वामी सितंबर 2010 से मार्च 2013 तक इस पद पर रहे.
- रवींद्र राय मार्च 2013 से अगस्त 2016 तक अध्यक्ष रहे.
- लक्ष्मण गिलुआ अगस्त 2016 से फरवरी 2020 तक प्रदेश अध्यक्ष रहे.
- दीपक प्रकाश फरवरी 2020 से जुलाई 2023 तक अध्यक्ष रहे.
- बाबूलाल मरांडी जुलाई 2023 से जनवरी 2026 तक इस जिम्मेदारी में रहे.
- जनवरी 2026 से अब यह दायित्व आदित्य साहू संभाल रहे हैं.
बसंत पंचमी के दिन आदित्य साहू का प्रदेश अध्यक्ष बनना भाजपा के लिए संगठनात्मक और सांकेतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. धार्मिक अनुष्ठान और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी से यह संकेत मिलता है कि पार्टी नए नेतृत्व के साथ संगठन को और सक्रिय तथा मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है.