Health Updates: गर्भावस्था का समय किसी भी महिला के जीवन का सबसे खूबसूरत दौर होता है। इस दौरान नन्हे मेहमान के आने की खुशी दिल को सुकून देती है, लेकिन शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव कई बार परेशान भी कर देते हैं। खासतौर पर प्रेगनेंसी के शुरुआती महीनों में सीने में जलन, खट्टी डकारें, मतली और उल्टी जैसी समस्याएं बहुत आम हो जाती हैं। कई महिलाओं को तो ऐसा महसूस होने लगता है कि कुछ भी खाने से तकलीफ बढ़ जाएगी, जिससे वे खाना तक छोड़ने लगती हैं।
हालांकि अच्छी बात यह है कि अपनी रोज़मर्रा की आदतों और खान-पान में कुछ छोटे बदलाव करके इन परेशानियों से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।
थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन करें
गर्भावस्था में एक बार में ज्यादा खाना पेट पर दबाव डालता है, जिससे एसिड ऊपर की ओर आने लगता है और सीने में जलन महसूस होती है। इसलिए बेहतर यह होगा कि दिन में तीन बार भारी भोजन करने के बजाय 5–6 बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में हल्का और पौष्टिक खाना खाएं। इससे पाचन बेहतर रहता है और पेट को आराम मिलता है। साथ ही जलन और मतली की संभावना भी कम हो जाती है।
खाने-पीने में समझदारी से करें चयन
प्रेगनेंसी के दौरान अक्सर चटपटा, तीखा और तला-भुना खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है, लेकिन यही चीजें सीने की जलन को और ज्यादा बढ़ा सकती हैं। बहुत ज्यादा मिर्च-मसाले, ऑयली फूड, जंक फूड, कॉफी, ज्यादा चाय और अत्यधिक खट्टे फल पेट में एसिड की मात्रा बढ़ा देते हैं। कोशिश करें कि इन चीजों से दूरी बनाएं और हल्का, सादा और आसानी से पचने वाला भोजन अपनाएं।
खाना खाने के बाद तुरंत न लेटें
खाना खाने के बाद थकान महसूस होना बिल्कुल सामान्य बात है, लेकिन खाना खाने का बाद तुरंत लेट जाना एसिडिटी को बढ़ा सकता है। भोजन करने के बाद कम से कम 20–30 मिनट हल्की-फुल्की चाल से टहलना फायदेमंद रहता है। रात का खाना सोने से 2–3 घंटे पहले खा लें ताकि पाचन ठीक से हो सके। इसके अलावा दिनभर पर्याप्त पानी पीते रहें, इससे शरीर हाइड्रेट रहता है और पेट की जलन को शांत करने में मदद मिलती है।
आरामदायक कपड़ों को दें प्राथमिकता
बहुत कम लोग जानते हैं कि टाइट कपड़े भी एसिड रिफ्लक्स का कारण बन सकते हैं। प्रेगनेंसी में पेट और कमर के आसपास टाइट कपड़े पहनने से पेट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे जलन बढ़ सकती है। इसलिए हमेशा ढीले, आरामदायक और सूती कपड़े पहनें, जो शरीर को खुलापन और आराम दें।
ठंडक देने वाला संतुलित आहार अपनाएं
अपने खाने में ऐसे पदार्थ शामिल करें जो पेट को ठंडक पहुंचाएं और पाचन को बेहतर बनाएं। नारियल पानी इस समय किसी नेचुरल टॉनिक से कम नहीं होता। इसके अलावा केला, ताजा दही, ओट्स, दलिया और पका हुआ पपीता जैसे खाद्य पदार्थ सीने की जलन को कम करने में मददगार साबित होते हैं। ये न सिर्फ पेट को शांत रखते हैं बल्कि शरीर को जरूरी पोषण भी देते हैं।
अगर इन सभी उपायों को अपनाने के बाद भी सीने की जलन या मतली बहुत ज्यादा बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। बिना डॉक्टरी की सलाह के कोई भी एंटी-एसिड या दवा लेना नुकसानदायक हो सकता है।
थोड़ी सी सावधानी, सही खान-पान और खुद का ध्यान रखकर आप अपने गर्भावस्था के सफर को ज्यादा आरामदायक, सुरक्षित और खुशहाल बना सकती हैं।
डिस्क्लेमर:
यह लेख मीडिया रिपोर्ट्स और सामान्य जानकारी पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना देना है। इसे किसी भी तरह के चिकित्सीय परामर्श या उपचार का विकल्प न समझें। इसे प्रयोग में लाने से पहले कृपया योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।