Jamshedpur News: जमशेदपुर में युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण के बाद अब राजनीतिक स्तर पर दबाव बढ़ने लगा है. जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने सोशल मीडिया के जरिए पुलिस और प्रशासन से साफ शब्दों में जवाब मांगा है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर एक सप्ताह के भीतर कैरव गांधी की सकुशल वापसी नहीं होती है तो शहर की जनता सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराएगी.
13 जनवरी से लापता, फिरौती की कॉल ने बढ़ाई चिंता
विधायक सरयू राय ने कहा कि जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के सर्किट हाउस इलाके से 13 जनवरी को लापता हुए युवा उद्यमी कैरव गांधी का अपहरण किया गया है. पीड़ित परिवार के पास फिरौती के लिए फोन भी आ चुका है. पुलिस के जिला और राज्य स्तर के अधिकारी गंभीर प्रयासों की बात कर रहे हैं लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.
अफवाहों से बढ़ रहा भ्रम और बेचैनी
सरयू राय ने कहा कि अखबारों और अन्य माध्यमों में रोजाना अपुष्ट खबरें सामने आ रही हैं. कभी उम्मीद जगती है तो कभी निराशा हाथ लगती है. इससे शहर में भ्रम और उहापोह की स्थिति बन रही है. पुलिस या प्रशासन की ओर से जांच की प्रगति को लेकर कोई भरोसा दिलाने वाली आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है.
डीजीपी के दौरे से भी नहीं मिली राहत
उन्होंने बताया कि झारखंड की पुलिस महानिदेशक जमशेदपुर आई थीं. इससे यह उम्मीद जगी थी कि कैरव गांधी की सकुशल वापसी को लेकर कोई सकारात्मक संकेत मिलेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इस स्थिति ने जमशेदपुर के निवासियों खासकर उद्योग और व्यापार जगत में असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है.
उद्यमियों और संवेदनशील वर्गों में डर का माहौल
विधायक के अनुसार पीड़ित परिवार का दर्द शहर के संवेदनशील वर्गों को भीतर तक झकझोर रहा है. उद्योग और व्यवसाय से जुड़े लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. क्षेत्र के विधायक होने के नाते वे रोज इन भावनाओं और आशंकाओं से रूबरू हो रहे हैं.
3 फरवरी को मौन विरोध का ऐलान
सरयू राय ने सोशल मिडिया के माध्यम से कहा है कि यदि पुलिस प्रशासन एक सप्ताह के भीतर अपहर्ताओं को बेनकाब कर कैरव गांधी की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित नहीं करता है तो 3 फरवरी 2026 मंगलवार को जमशेदपुर की जनता मौन विरोध करेगी. यह प्रदर्शन गांधी घाट से उपायुक्त कार्यालय तक किया जाएगा. प्रदर्शनकारी मुंह पर पट्टी बांधकर हाथों में तख्तियां लेकर अपना आक्रोश व्यक्त करेंगे.
सभी संगठनों से शामिल होने की अपील
विधायक ने जमशेदपुर के सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संगठनों से इस मौन प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार का नहीं बल्कि पूरे शहर की सुरक्षा और भरोसे से जुड़ा सवाल है और इसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं.
कैरव गांधी अपहरण मामला अब केवल पुलिस जांच तक सीमित नहीं रह गया है. विधायक सरयू राय की अपील और अल्टीमेटम ने इसे सार्वजनिक और राजनीतिक मुद्दे के रूप में सामने ला दिया है. यदि तय समय में कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता है तो 3 फरवरी का मौन विरोध शहर के माहौल और प्रशासनिक दबाव दोनों को नई दिशा दे सकता है.