Dumka: प्रेम इंसान की सोच पर इस कदर हावी हो जाता है कि कई बार उसे सही और गलत का फर्क तक नजर नहीं आता। दुमका जिले से सामने आया यह मामला भी कुछ ऐसा ही है, जिसने रिश्तों की मर्यादा और इंसानी संवेदनाओं दोनों को झकझोर कर रख दिया है। यहां शक और गुस्से ने एक युवक को इस हद तक अंधा कर दिया कि उसने अपने ही चचेरे भाई की बेरहमी से जान ले ली।
हत्या की प्राथमिकी दर्ज
यह सनसनीखेज घटना मसलिया थाना क्षेत्र के हारोरायडीह गांव की है। जहां दो दिन पहले मृतक चूहापानी हांसदा के बहनोई बाबूसोल बास्की ने थाने में लिखित आवेदन देकर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आवेदन में बताया गया था कि चूहापानी अपने चचेरे भाई मनीलाल हांसदा के साथ पास के चूहडबुना गांव फुटबॉल मैच देखने गया था। मैच देखने के बाद जब दोनों वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट की। इस घटना में चूहापानी की मौत हो गई, जबकि मनीलाल घायल हो गया।
कई तरह के विरोधाभास आएं सामने
इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। लेकिन जब पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई, तो कहानी में कई तरह के विरोधाभास सामने आने लगे। हालात कुछ और ही बयां कर रहे थे। जिस तरह की घटना बताई गई थी, वैसी कोई परिस्थिति वहां नजर नहीं आ रही थी।
भाई ने की भाई की हत्या
इसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जिस चचेरे भाई मनीलाल के साथ चूहापानी फुटबॉल मैच देखने गया था, उसी के साथ उसका विवाद हुआ था और उसी ने उसकी हत्या कर दी थी।
पुलिस अधीक्षक ने किया खुलासा
दुमका के पुलिस अधीक्षक पीताम्बर सिंह खेरवार ने प्रेस वार्ता कर पूरे हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि संदेह के आधार पर मनीलाल हांसदा को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान मनीलाल टूट गया और उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
आरोपी का बयान
आरोपी ने पुलिस को बताया कि मृतक चूहापानी हांसदा पहले से ही उसकी प्रेमिका पर गलत नजर रखता था, जिससे वह अंदर ही अंदर काफी नाराज और आक्रोशित था। घटना वाले दिन दोनों साथ में फुटबॉल मैच देखने गए थे। वहां उन्होंने साथ बैठकर हडिया पी और खाना खाया, जिसका सारा खर्च चूहापानी ने ही उठाया था।
मैच खत्म होने के बाद रात करीब आठ बजे दोनों घर लौट रहे थे। गांव से थोड़ी दूरी पहले रास्ते में चूहापानी ने खर्च किए गए सौ रुपये मनीलाल से वापस मांग लिए। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते झगड़े में बदल गई। प्रेमिका पर बुरी नजर रखने का गुस्सा पहले से ही मनीलाल के मन में भरा हुआ था और अब पैसों की मांग ने उसकी नाराजगी को और भड़का दिया।
गुस्से में आकर मनीलाल ने पास पड़े पत्थर और लोहे के कड़े से चूहापानी के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल चूहापानी को इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने बरामद किए सामान
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया खून लगा पत्थर और लोहे का कड़ा भी बरामद कर लिया है। इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि शक, गुस्सा और असंयम मिलकर कैसे रिश्तों को खून में बदल देते हैं।