जंक्शन बनने की राह पर आदित्यपुर
निरीक्षण के दौरान DRM ने स्पष्ट किया कि आदित्यपुर अब केवल एक छोटा स्टेशन नहीं रहेगा। औद्योगिक क्षेत्र की महत्ता को देखते हुए इसे एक वृहद जंक्शन के रूप में स्थापित करने की योजना है। उन्होंने प्लेटफॉर्म, सिग्नलिंग सिस्टम और सुरक्षा मानकों का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आगामी ट्रेनों के ठहराव और परिचालन के लिए तकनीकी खामियों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए।
यात्रियों की मांग, सुविधाओं का हो विस्तार
जैसे ही नई ट्रेनों की खबर सामने आई, स्थानीय यात्रियों और विभिन्न संगठनों ने रेलवे प्रशासन को एक मांग पत्र सौंपा। यात्रियों का तर्क है कि नई ट्रेनों के शुरू होने से स्टेशन पर फुटफॉल यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होगी, जिसके लिए मौजूदा बुनियादी ढांचा पर्याप्त नहीं है।
प्रमुख मांगें जो चर्चा में रहीं
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा। कोच इंडिकेटर डिस्प्ले बोर्ड और IPIS स्वचालित उद्घोषणा प्रणाली की स्थापना। पूरे परिसर में CCTV कैमरों का जाल, पर्याप्त शौचालय और डस्टबिन। फुट ओवर ब्रिज का विस्तार और आदित्यपुर-टाटा के बीच तीसरी लाइन को जल्द शुरू करना।
औद्योगिक हब को मिलेगा नया आयाम
आदित्यपुर एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है। DRM ने माना कि यहाँ यात्री सुविधाओं का विस्तार न केवल आम जनता को राहत देगा, बल्कि रेलवे के राजस्व में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी करेगा। भविष्य में यहाँ से देश के विभिन्न बड़े शहरों के लिए सीधी ट्रेन सेवा उपलब्ध होने की संभावना है, जिससे टाटा नगर स्टेशन पर दबाव भी कम होगा।
भविष्य की योजना
स्टेशन परिसर में ATM, सुव्यवस्थित पार्किंग, प्लेटफॉर्म 4 और 5 पर फूड स्टॉल और ट्रेनों में पानी भरने के लिए क्विक वाटरिंग सिस्टम जैसी सुविधाओं पर भी सहमति जताई गई है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस निरीक्षण के बाद धरातल पर बदलाव जल्द दिखेंगे।