प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि जमशेदपुर जैसे शांतिपूर्ण शहर में इस प्रकार की घटनाएं आमजन, विशेषकर व्यवसायियों एवं उद्यमियों के बीच भय और दहशत का माहौल उत्पन्न करती हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर अपराधियों के निशाने पर व्यवसायी वर्ग ही रहता है, ऐसे में इस तरह की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाना आवश्यक है।
चैम्बर ने पुलिस प्रशासन से अपील की कि कैरव गांधी अपहरण कांड में संलिप्त सभी अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि पुलिस प्रशासन पूरी चुस्ती और तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेगा।
सिंहभूम चैम्बर ने शहर के व्यवसायियों एवं उद्यमियों से भी अपील की कि वे इस घटना से घबराएं नहीं और निडर होकर अपने व्यवसायिक कार्य जारी रखें। साथ ही सुरक्षा के दृष्टिकोण से अपने प्रतिष्ठानों के अंदर एवं बाहर सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगाएं।
अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा जिस गोपनीय और सक्रिय तरीके से कार्रवाई की गई, वह अत्यंत सराहनीय है, जिसके परिणामस्वरूप कैरव गांधी की सकुशल घर वापसी संभव हो सकी।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में महासचिव पुनीत कांवटिया, उपाध्यक्ष अनिल मोदी, अधिवक्ता राजीव अग्रवाल, सचिव भरत मकानी, विनोद शर्मा, कोषाध्यक्ष सीए अनिल रिंगसिया, दीपक चेतानी सहित चैम्बर के अन्य सदस्य उपस्थित थे।