Jamshedpur: जमशेदपुर के आर.वी.एस. कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में 29 एवं 30 जनवरी 2025 को छठा (IEEE) अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन का विषय है “रिसेंट ट्रेंड्स इन कंप्यूटर साइंस एंड टेक्नोलॉजी”।
सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि झारखंड राज्य के राज्यपाल सन्तोष गंगवार होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में नेपाल के पोखरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) वेद राज के. सी. एवं रजिस्ट्रार डॉ. अजय थापा और इंडोनेशिया, बाली से पॉलिटेक्निक नेगेरी बाली विश्वविद्यालय के सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के वरिष्ठ व्याख्याता वायन बुडी सेंगाना उपस्थित रहेंगे।
सम्मेलन में प्रस्तुत किए जाने वाले कुछ शोध पत्र इस प्रकार हैं:
- फ्रेश और हास प्रॉपर्टीज़ ऑफ़ नरीम4481 एस और सिलिका पयूम – NIT जमशेदपुर
- क्लाउड कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन बाय इफेक्टिव प्रोसेस – IIT जोधपुर
- रिसर्च ऑन द एप्लीकेशन ऑफ मशीन लर्निंग मॉडल सिक्योरिटी और प्राइवेसी प्रोटेक्शन इन इंटरनेट कंपनिज़ – जेम्स कुक यूनिवर्सिटी, सिंगापुर
- मॉडर्नाइजिंग लिगेसी बैंकिंग सिस्टम – हैरिसबर्ग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, यू.एस.ए.
आर.वी.एस. एजुकेशनल ट्रस्ट के अध्यक्ष बिंदु सिंह ने कहा कि हमारा प्रयास है कि हमारे छात्र न केवल झारखंड बल्कि पूरे भारत का नाम तकनीकी क्षेत्र में रोशन करें। आर.वी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज ने अब तक झारखंड राज्य को 15 विश्वविद्यालय गोल्ड मेडलिस्ट छात्र दिए हैं, जो हमारी उत्कृष्टता की पहचान है।
ट्रस्ट के सचिव भरत सिंह ने बताया कि वे व्यक्तिगत रूप से इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन की देखरेख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्व के बदलते परिवेश में नवीनतम तकनीक के विकास और उसके प्रयोग पर ध्यान देना आवश्यक है, और यही इस सम्मेलन का उद्देश्य है। उन्होंने छात्रों के लिए स्वच्छ और सुदृढ़ अध्ययन वातावरण प्रदान करने की भी जानकारी दी।
कोषाध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों को देश-दुनिया में हो रही नई तकनीकी शोध की जानकारी प्रदान करते हैं।
सम्मेलन के चेयरमैन एवं कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि भारत सरकार के “विकसित भारत” की परिकल्पना को पूरा करने के प्रति वे दृढ़ संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं और विश्व पटल पर विभिन्न देशों के साथ तकनीकी सहयोग स्थापित कर रहे हैं।
सम्मेलन के कन्वीनर प्रो. कृष्ण मुरारी ने बताया कि सम्मेलन में भाग लेने के लिए पूरे विश्व से 900 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 200 शोध पत्रों को समीक्षा के बाद शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का विषय “कंप्यूटर साइंस एंड टेक्नोलॉजी में हाल के रुझान” बहुआयामी है, और इसमें अमेरिका, चीन, इंडोनेशिया और नेपाल के प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों के विद्वान भाग ले रहे हैं।