Ranchi: झारखंड के विभिन्न जिलों में पिछले कुछ महीनों से ज्वेलरी दुकानें अपराधियों के सॉफ्ट टारगेट पर हैं। हजारीबाग से लेकर जमशेदपुर तक मचे इस तांडव को देखते हुए सीआईडी अब पूरी तरह सख्त हो गई है। राज्य के 10 जिलों में हुई लूट और डकैती की वारदातों ने न सिर्फ व्यापारियों में दहशत भर दी है, बल्कि पुलिसिया इकबाल पर भी सवाल खड़े किए हैं। इसी सिलसिले में डीआईजी सीआईडी ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई है।
SIT की बैठक, अपराधियों की घेराबंदी के लिए रणनीति तैयार
सीआईडी मुख्यालय में बुलाई गई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बीते सात महीनों में हुई लूट की घटनाओं की वर्तमान स्थिति का जायजा लेना है। डीआईजी ने सभी संबंधित केस आईओ को केस डायरी और अपडेटेड प्रगति रिपोर्ट के साथ तलब किया है। बैठक में अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने और अंतरराज्यीय गिरोहों की संलिप्तता की जांच के लिए एसआईटी को विशेष निर्देश दिए जा रहे हैं।
दहशत के 7 महीने, 10 जिले और 15 बड़ी वारदातें
आंकड़े चौंकाने वाले हैं। पिछले सात महीनों में राज्य के 10 जिलों हजारीबाग, जामताड़ा, जमशेदपुर, बोकारो, पलामू, गिरिडीह, साहेबगंज, देवघर, गढ़वा और रामगढ़ में लूट और चोरी की 15 बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। इन वारदातों में कुल 17 करोड़ रुपये से अधिक के जेवरातों पर हाथ साफ किया गया है।
व्यापारिक वर्ग में भारी असुरक्षा
लगातार हो रही इन घटनाओं ने झारखंड के व्यापारिक समुदाय को हिला कर रख दिया है। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस द्वारा कुछ अपराधियों की गिरफ्तारी के बावजूद नई घटनाएं रुक नहीं रही हैं। शाम ढलते ही ज्वेलरी दुकानों के मालिकों में भय का माहौल रहता है, जिससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
सीआईडी का संकल्प
पुलिस ने अधिकतर मामलों में सफलता पाई है, लेकिन हमारा लक्ष्य अब इन घटनाओं को जड़ से रोकना और अपराधियों के पूरे सिंडिकेट को बेनकाब करना है।