Jamshedpur News: सरस्वती पूजा विसर्जन के दौरान उमड़े जुलूस के बीच सोनारी का एयरपोर्ट चौक अचानक रणक्षेत्र में बदल गया था. 28 जनवरी की देर रात दो पक्षों के बीच हुई मारपीट ने पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना दिया. घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए सोनारी थाने में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई है. पुलिस ने दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम को काउंटर केस मानकर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
पहला पक्ष बोला, महिलाओं से छेड़खानी और जानलेवा हमला
संबलपुरिया निवासी राहुल जाल की शिकायत पर दर्ज मामले में तरूण लाल संघ से जुड़े युवकों पर हमला करने और महिलाओं से छेड़खानी करने का आरोप लगाया गया है. शिकायत के अनुसार विसर्जन के दौरान अचानक उन पर हमला किया गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. इस केस में सुजल साहू, जयंतो जाल उर्फ शिवा, निखिल, रवि, दिवांशु कर्मकार, आरके महतो, खट्टा, प्रेम, आशीष ठाकुर, तन्नु, सन्नी, पोलटा सहित 20 से 25 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है.
दूसरे पक्ष का पलटवार, सिर फोड़ने और जान से मारने की कोशिश का आरोप
खुंटाडीह बी-ब्लॉक निवासी जयंतो जाल की ओर से दर्ज शिकायत में कलिंगा पूजा समिति से जुड़े युवकों पर जान मारने की नीयत से हमला करने और सिर फोड़ने का आरोप लगाया गया है. इस मामले में रोशन सेनापति, ऋषि सेनापति, गुल्लू महानंद, सिद्धार्थ महानंद, सत्यम महानंद, समीर, आर्यन, टन्नी, गोकुल उर्फ राहुल जाल और सुब्रकांत को नामजद आरोपी बनाया गया है. सभी आरोपियों के संबलपुरिया बस्ती निवासी होने की बात कही गई है.
सीसीटीवी और मेडिकल रिपोर्ट से खुलेगा सच
पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है. घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. चश्मदीदों के बयान लिए जा रहे हैं और घायलों की मेडिकल रिपोर्ट को भी जांच में शामिल किया गया है. पुलिस के अनुसार तथ्यों के आधार पर ही दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
इलाके में शांति बनाए रखने की अपील
घटना के बाद एयरपोर्ट चौक और आसपास के क्षेत्रों में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल रहा. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा शांति बनाए रखने की अपील की है.
त्योहारों के दौरान होने वाली ऐसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि मामूली विवाद भी किस तरह बड़े टकराव में बदल सकते हैं. दोनों पक्षों के आरोप एक दूसरे के बिल्कुल उलट हैं, जिससे साफ है कि सच्चाई तक पहुंचने में पुलिस जांच की भूमिका सबसे अहम होगी. सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट ही तय करेंगे कि दोषी कौन है.