Jamshedpur Crime News: कैरव गांधी अपहरण मामले का पुलिस ने उद्भेदन कर दिया है. लगातार दबिश और तकनीकी जांच के बाद बिहार के गया, पटना और नालंदा जिलों से छह आरोपियों गुडू सिंह, उपेन्द्र सिंह, अर्जुन सिंह उर्फ आर्यन, मो. इमरान आलम उर्फ आमिर, रमीज राजा और मोहन कुमार प्रसाद को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर हथियार बरामदगी के दौरान 29 और 30 जनवरी की दरम्यानी रात मुठभेड़ हो गई. इस दौरान तीन अपराधियों ने आरक्षी हरिपद महतो का सरकारी हथियार छीनकर पुलिस पर फायर करने की कोशिश की, जिस पर जवाबी कार्रवाई में उनके पैर में गोली लगी. बताते चले कि पुलिस ने उनके पास से अवैध हथियार और घटना में इस्तेमाल की गई गाड़ी भी जब्त कर ली है.
मामला क्या है
13 जनवरी को सीएच एरिया, बिष्टुपुर निवासी 24 वर्षीय कैरव गांधी का अज्ञात अपराधियों ने अपहरण कर लिया था. घटना के बाद पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की और शहर से बाहर तक नेटवर्क खंगालना शुरू किया. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पांच विशेष टीमों का गठन किया गया. इन टीमों ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी इनपुट जुटाए और मानवीय सूत्रों से जानकारी एकत्र की. कई राज्यों की पुलिस से भी संपर्क कर संभावित ठिकानों पर लगातार छापामारी की गई.
दबाव में छोड़ा गया अपहृत युवक
जांच के दौरान सूचना मिली कि लगातार पुलिस दबाव के कारण अपहरणकर्ता कैरव गांधी को एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करने की योजना बना रहे हैं. पुलिस ने संभावित मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी. इसी दबाव में अपहरणकर्ता चौपारण और बरही के बीच जीटी. रोड पर कैरव गांधी को छोड़कर फरार हो गए. पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित बरामद कर परिजनों के आग्रह पर उनके आवास तक पहुंचाया.
बिहार से हुई गिरफ्तारी
कैरव गांधी की बरामदगी के बाद पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ अभियान तेज किया. बिहार पुलिस के सहयोग से गया, पटना, गयाजी और नालंदा जिलों में छापेमारी कर 6 आरोपियों को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में सभी ने कांड में अपनी भूमिका स्वीकार की.
गिरफ्तार आरोपी
1. गुडू सिंह
2. उपेन्द्र सिंह
3. अर्जुन सिंह उर्फ आर्यन
4. मो. इमरान आलम उर्फ आमिर
5. रमीज राजा
6. मोहन कुमार प्रसाद
हथियार बरामद
पूछताछ में गुडू सिंह, मो. इमरान और रमीज राजा ने बताया कि अपहरण में इस्तेमाल किए गए हथियार और गोलियां उन्होंने सर्किट हाउस साईं मंदिर रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास नाले के किनारे झाड़ियों में फेंक दी थीं. पुलिस टीम उनके साथ बताए गए स्थान पर पहुंची और वहां से दो देसी कट्टा और 315 बोर की चार गोलियां बरामद की गईं.
जब पुलिस टीम बरामद सामान के साथ वापस लौट रही थी, तभी तीनों अपराधियों ने एक आरक्षी का सरकारी हथियार छीन लिया और पुलिस पर फायर करने की कोशिश की. आत्मरक्षा में पुलिस ने बल का प्रयोग करते हुए पांच राउंड फायरिंग की. तीनों अपराधियों के पैर में गोली लगी और उन्हें इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया. छीना गया सरकारी हथियार भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया.
1. दो देसी कट्टा
2. 315 बोर की चार गोलियां
3. घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन जिसका नंबर बदला गया था
4. मोबाइल फोन सहित अन्य सामान
ऑपरेशन में शामिल पुलिस अधिकारी
इस पूरे अभियान का नेतृत्व नगर पुलिस अधीक्षक कुमार शिवाशीष ने किया. उनके साथ डीएसपी मनोज कुमार ठाकुर, डीएसपी भोला प्रसाद सिंह, डीएसपी सन्नी वर्द्धन, थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान शामिल रहे.
यह कार्रवाई दिखाती है कि जब पुलिस तकनीकी जांच, जमीनी सूचना और अंतरराज्यीय समन्वय के साथ काम करती है, तो संगठित अपराधी भी ज्यादा देर तक बच नहीं पाते. कैरव गांधी की सुरक्षित बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी ने न केवल पुलिस की कार्यशैली पर भरोसा बढ़ाया है, बल्कि यह भी साफ किया है कि शहर में अपराध के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी जाएगी.